Sbi बैंक में पैसे जमा करने का फॉर्म कैसे भरें | sbi bank mein paise jama karne ka form kaise bhare

Sbi बैंक में पैसे जमा करने का फॉर्म कैसे भरें | sbi bank mein paise jama karne ka form kaise bhare

 Sbi बैंक में पैसे जमा करने का फॉर्म कैसे भरें | sbi bank mein paise jama karne ka form kaise bhare

बैंक में पैसे जमा करने के लिए आपको खाता जमा पर्ची (PAY IN SLIP) भरना होता है। लेकिन जब आप पहली बार भरते हैं तो आपको डर रहता है कि कही कुछ गलत न हो जाए। क्योंकि थोड़ी सी गलती के कारण आपकी पर्ची रिजेक्ट हो जाती है। इसलिए आपको ध्यान से खाता जमा पर्ची भरना चाहिए।


Pay in slip meaning in hindi – खाता जमा पर्ची क्या है?

Pay in slip का हिन्दी meaning है खाता जमा पर्ची। इसे और भी नाम से जाना जाता है जैसे वाउचर, SBI Deposit Slip या पैसे जमा करने का फॉर्म। आप इस फॉर्म से अपने बैंक अकाउंट में पैसे जमा कराते हैं। इस पोस्ट में हम एसबीआई डिपाजिट स्लिप कैसे भरें (sbi bank mein paise jama karne ka form kaise bhare) इसके बारे जानकारी देंगे। यदि आप SBI Withdrawal Form Kaise Bhare जानना चाहते हैं तो हमारी पिछली पोस्ट देंखें।


SBI bank mein paise jama karne ka form kaise bhare - स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बैंक में पैसे जमा करने का फॉर्म कैसे भरें?

Sbi deposit slip में आपको दो पार्ट देखने को मिलता जिसमें से राइड साइड वाला पार्ट बैंक के लिए होता है और लेफ्ट वाला जो छोटा सा होता है वह आपको रसीद के तौर पर वापस दिया जाता है।


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Sbi बैंक में पैसे जमा करने का फॉर्म कैसे भरें


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SBI बैंक में पैसे जमा करने कि पर्ची (Slip) किस तरह से भरते हैं आगे उसका तरीका बता रहे हैं-

यहाँ पर फोटो में देख सकते हैं हमने इसमें नंबरिंग दे दिया है जिसकी डिटेल आगे है,


1. शाखा वाले जगह पर आप अपने बैंक के ब्रांच का नाम लिखना है।

2. A/c No. में आपको दोनो तरफ अपना अकाउंट नंबर डालना है।

3. Date में आपको उस दिन का दिनांक डालेगे जिस दिन पैसे जमा कर रहे हैं।

4. अब इस जगह पर अपना नाम लिखना है जैसा पासबुक में लिखा होगा।

5. इस जगह पर आपको अपने नोटो की डिटेल देनी होती है जैसे 5000 जमा कर रहे हैं तो आपके पास कितने 500 के नोट है और कितने 100, 200, 50 की नोट है यहाँ पर भरें और नीचे Total Rs. में 5000 (जितनी जमा कर रहे हैं वह अमाउंट) लिखिए।

6. यहाँ पर भी 5000 लिख दीजिए और

7. नंबर में वही अमाउंट शब्दों में लिख दीजिए।

8. जमाकर्ता के हस्ताक्षर पर अपना Signature करिए।

9. लास्ट में अपना नाम पता, मोबाइल नंबर डाल दीजिए।


इस प्रकार से आपको Sbi बैंक में पैसे जमा करने का फॉर्म भरना है और पैसे के साथ ले जाकर काउंटर पर जमा कर देना है। आपका पैसा जमा कर दिया जाएगा। और पर्ची (Slip) कट करके आपको साबूत के तौर पर दे दिया जाएगा। उम्मीद है कि यह पोस्ट SBI bank mein paise jama karne ka form kaise bhare - स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बैंक में पैसे जमा करने का फॉर्म कैसे भरें? पसंद आई होगी।


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 State bank of india ka cheque kaise bhare | Sbi बैंक से पैसे निकालने का फॉर्म कैसे भरें?

State bank of india ka cheque kaise bhare | Sbi बैंक से पैसे निकालने का फॉर्म कैसे भरें?

 State bank of India से पैसे निकालने का फॉर्म कैसे भरें?

बैंक से पैसे निकालने के लिए आप के पास वैसे तो चेक (Cheque) के अलावा और ऑप्शन भी होते हैं, जैसे आप ATM से भी पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन इसमें कुछ लिमिट होती है या फिर आप के पास ATM Card नही है। तो बैंक से पैसे निकालने के लिए आपको चेक भरना होता है। परन्तु यदि आप पहली बार बैंक से पैसे निकालने का फॉर्म भरते है तो जरा सी गलती के कारण आपको चेक (Cheque) फाड़ना पड़ सकता है। इसलिए पहले आपको अच्छे से जान लेना चाहिए कि State bank of india ka cheque kaise bhare तो Sbi बैंक से पैसे निकालने का फॉर्म कैसे भरें? क्या क्या भरना जरूरी होता है चलिए जानते हैं-


State bank of india ka cheque kaise bhare - Sbi बैंक से पैसे निकालने का फॉर्म कैसे भरें?

SBI बैंक से पैसे निकालने के लिए आपको चेक को इस प्रकार से भरना चाहिए- 

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Sbi बैंक से पैसे निकालने का फॉर्म कैसे भरें?


1) खाताधरक का नाम (Name of the Account Holders) :- यहा पर आपको उस व्यक्ति का नाम लिखना है जिसके अकाउंट से पैसा निकालना है चलिए मान लेते है कि आप अपने ही अकाउंट से पैसे निकालने वाले हैं। यहाँ पर अपना नाम लिखिए जैसा की आपके पासबुक में लिखा हुआ है।

2) शाखा/BRANCH:- यहाँ पर आपको बैंक की शाखा जहाँ पर वहाँ का नाम डालना है।

3) दिनांक:- जिस Date को आप पैसा निकाल रहे हैं वह दिनांक यहाँ पर भरें।

4) खाता संख्या (ACCOUNT NUMBER):- इसके नीचे बने खाचे में आपको अपना Account Number भरना है।

5) इसके बाद आपको और नीचे अमाउंट डालना है जितना आप पैसा निकालना चाहते है। पहले अंको में लिखना है (जैसे 5000/) और उसके आगे के खाचे में शब्दों में (पाँच हजार मात्र) लिखना है। और ध्यान रहे दोनो में सेम अमाउंट होनी चाहिए।

6) फोन/मोबाइल नं. :- यहाँ पर आप अपना मोबाइल नं. डाल दीजिए।

7) खाताधरक के हस्ताक्षर Signatures of the Account Holders:- यहाँ पर आपको अपना हस्ताक्षर (Signature) करना है जैसा आप खाता खुलाते समय फॉर्म में किया था। इसके अलावा 2 हस्ताक्षर आपको cash withdraw form के पीछे भी कर सकते है आप नही भी करेंगे तो भी चल जाएगा। अंगूठा लगाने वाले यहाँ पर अपना अंगूठा लगाएंगे।

बस आपको केवल इतना ही डिटेल भरना है और इस फॉर्म को पासबुक के साथ काउंटर पर ले जाकर जमा करना है। आपको पैसे दे दिया जाएगा।

तो देखा आपने कि SBI बैंक से पैसे निकालने का फॉर्म भरना कितना आसान है। दोस्तों लगभग सभी बैंकों का cash withdraw form सेम ही रहता है। आपको यही सारी बेसिक डिटेल फिल करनी होती है। और इसे काउंटर पर जमा करना है। 


नोट – यहाँ पर जो आप फॉर्म भर रहें है इसके साथ आपको अपना पास बुक भी जमा करना होगा और फिर पैसे के साथ आपको पासबुक लौटा दिया जाता है।


Conclusion– आज के इस post में आपने सीखा State bank of india ka cheque kaise bhare या Sbi बैंक से पैसे निकालने का फॉर्म कैसे भरें?  उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी। इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।


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इस आर्टिकल में कंप्यूटर की जनरेशन की विस्तार से जानकारी दी गयी है। कंप्यूटर की जनरेशन क्या है? कंप्यूटर को कितनी जनरेशन में वर्गीकृति किया गया है। पिछली पोस्ट में हमने Computer kya hai विस्तार से पूरी जानकारी दी है। अगर आपने ने  वह पोस्ट नही पढ़ा है तो उसे भी जरूर पढ़े क्योंकि उसमें कंप्यूटर के बारे में सभी जानकारी दी गई है।

    कंप्यूटर जनरेशन क्या है? कंप्यूटर की सभी पीढ़ियों की व्याख्या करें– Computer ki Generation se kya matlab hota hai?

    जैसा की आप को पता होगा की वर्तमान समय में जिस प्रकार के कंप्यूटर देखने को मिलते हैं, शुरुआती दौर पर ऐसे बिल्कुल भी नही थे। शुरुआती दौर में कंप्यूटर काफी बड़े और बहुत ही काम्प्लीकेटेड हुआ करते थे। फिर उनमें कई सारे बदलाव किए गये उनमें नए-नए फीचर ऐड होते चले गए। जिसकी बजह से आज के कंप्यूटर हमारे जेब तक में रखने लायक हुए।


    कंप्यूटर की इन्ही विकास के चरणों को कंप्यूटर जनरेशन के नाम से जाना जाता है। कंप्यूटर की जनरेशन का अर्थ होता है कंप्यूटर की पीढ़ी। 


    How Many Computer Generation in Hindi - कंप्यूटर की जनरेशन को विस्तार से समझाइए?

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    How Many Computer Generation in hindi


    कंप्यूटर को विकास के आधार पर 5 पीढ़ियों में वर्गीकृत किया गया है जिनके बारे में आगे विस्तार से बताया गया है।

    1. पहली पीढ़ी (First Generation)  – 1946 से 1956
    2. दूसरी पीढ़ी (Second Generation) – 1956 से 1964
    3. तीसरी पीढ़ी (Third Generation) – 1964 से 1971
    4. चौथी पीढ़ी (Forth Generation) – 1971 से 1980
    5. पाँचवीं पीढ़ी (Fifth Generation) – वर्तमान और भविष्य

    Computer 1st Generation – फस्ट जनरेशन के कंप्यूटर (1946 से 195)

    सन् 1946 में एकर्ट और मुचली के द्वारा एनिएक (ENIAC) नामक कम्प्यूटर किया गया था जिसेसे कंप्यूटर की प्रथम पीढ़ी का प्रारंम्भ हो गया। पहली पीढ़ी के कंप्यूटरो में वैक्यूम ट्यूब (Vacuum tube) प्रयोग किया गया था जिसका आविष्कार सन् 1904 में ही हो चुका था। इस पीढ़ी के कंप्यूटरों में स्विचिंग के लिए वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया तथा इनपुट के लिए पंचकार्ड और साथ ही स्टोरेज के लिए मैग्नेटिक ड्रम का उपयोग किया जाता था।


    Computer 1st generation vaccum tube
    Vaccum Tube


    प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटरो का आकार काफी बड़ा था लगभग एक बड़े कमरे की पूरी जगह में एसेम्बल किया जाता था। और इन्हे चलाने के लिए इतनी बिजली खर्च होती थी जितनी किसी कारखाने को चलाने में होती है। साथ ही काफी स्लो चलते थे। चूकि इसमें वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया था जिसके कारण से हीटिंग की बहुत बड़ी समस्या बनी रहती थी जिसके लिए कई सारे एयर कंडीसनर का प्रयोग किया जाता था।

    तथा जल्दी ही गरम होकर वैक्यूम ट्यूब भी खराब हो जाते थे जिन्हे समय-समय पर बदलना पड़ता था।

    प्रथम पीढ़ी में कई कंप्यूटर विकसित हुए जैसे – 

    EDSAC – Electronic Delay Storage Automatic Calculator

    EDVAC – Electronic Discrete Variable Automatic Computer

    UNIVAC – Universal Automatic Computer

    UNIVAC – 1


    फस्ट जनरेशन के कंप्यूटर की विशेषताए क्या थी?

    • वैक्यूम ट्यूब से चलते थे।
    • इनपुट के लिए पंचकार्ड का प्रयोग होता था।
    • स्टोरेज के लिए मैग्नेटिक ड्रम का इस्तेमाल।
    • ये कंप्यूटर बहुत ही नाजुक और कम विश्वसनीय थे।
    • कंप्यूटर को ठंडा करने के लिए बहुत सारे एयर कंडीशनरों का प्रयोग होता था जिससे बिजली की खपत बहुत ज्यादा होती थी।
    • मशीनी तथा असेम्बली भाषा में प्रोग्रामिंग।


    Computer 2nd Generation - सेकंड जनरेशन के कंप्यूटर (1956 से 1964)

    सेकंड जनरेशन के कंप्यूटर की शुरुआत तब हुई जब वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल होने लगा। ट्रांजिस्टर का आविष्कार विलियम शॉकले (William Shockley) ने 1947 में किया था। ये ट्रांजिस्टर वैक्यूम ट्यूब की तुलना में कई गुना बेहतर थे क्योकि ये बहुत फास्ट होने के साथ ही कम बिजली खर्च करते थे जिससे कंप्यूटर को चलाना कुछ हद तक सस्ता हो गया लेकिन Heat की समस्या अब भी बनी थी।


    Computer second generation transistors
    Transistors


    इस पीढ़ी के कंप्यूटर मशीनी भाषा की जगह Assembly language का इस्तेमाल करते थे। इसमें COBOL और FORTRAN उच्च स्तरीय भाषा का इस्तेमाल किया गया।


    सेकंड जनरेशन के कंप्यूटर की विशेषता क्या थी?

    • Vacuum tube के स्थान पर Transistor का उपयोग।
    • आकार में कुछ छोटे हुए तथा बिजली की कम खपत।
    • प्रथम पीढ़ी से काफी स्पीड और अधिक विश्वसनीय हो गए।
    • अपक्षाकृति कम खर्चीले थे।
    • स्टोरेज डिवाइस, प्रिंटर एवं ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग हुआ।
    • COBOL एवं FORTRAN जैसी हाई लेवल लैंगवेज प्रोग्रामिंग भाषा का प्रयोग।


    Computer 3rd Generation – तीसरी जनरेशन के कंप्यूटर (1964 से 1971)

    तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटरो में IC (Integrated Circuits) ने ट्रांजिस्टर्स की जगह ले लिया। अब ट्रांजिस्टर को काफी छोटे कर के एक सिलिकॉन चिप्स के अंदर डाला गया जिसे सेमीकंडक्टर कहा गया। IC का आविष्कार Texas Instrument Company के अभियंता जैक किल्बी ने किया था। इस पीढ़ी में heat की समस्या काफी हद तक कम हो चुकी थी लेकिन इसे एक अनुकूलित वातावरण की आवश्यकता थी।


    आई.सी ने speed and efficiency काफी ज्यादा बढ़ा दी थी। अब पंच कार्ड और प्रिंटऑउट की जगह तीसरी पीढ़ी में कीबोर्ड और मॉनीटर का इस्तेमाल शुरू हो गया। जिसके लिए ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग किया गया। इस पीढ़ी के कंप्यूटर में मुख्यरूप से ICL 2903, ICL 1900, UNIVAC 1108 और System 1360 आदि थे।


    तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर की विशेषता क्या है?

    • IC का प्रयोग हुआ जिससे कंप्यूटर की क्षमता में कई गुना बढ़ोत्तरी हुई।
    • 1st व 2nd जनरेशन की अपेक्षा आकार एवं बजन में बहुत कम होत गए।
    • और अधिक विश्वसनीय हो गए।
    • पोर्टेबल हो गए और रख-रखाव मे कम खर्चा।
    • हाई लेवल लैग्वेज का प्रयोग किया गया।


    Computer 4th Generation – चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर (1971 से 1980 तक)

    चौथी पीढ़ी में माइक्रो प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया। इसमें हजारों IC को एक सिलिकॉन चिप के अंदर ही फिट किया गया। जिसे LIC (Large Integrated Circuit) कहा जाता है। अब लगभग 300000 ट्रांजिस्टरों के बराबर का सर्किट को एक इंच के चौथाई भाग में लगाया जा सकता था।  इस आविष्कार से पूरी Central Processing Unit (CPU) एक छोटी सी चिप के अंदर आ गयी जिसे Micro Processor कहा जाता है। अब इसके प्रयोग से कंप्यूटर साइज में इतने छोटे हो गए थे की इसे हथेली पर रख सकते थे।


    computer fourth generation Microprocessor
    Microprocessor


    1971 में Intel 4004 chip को Develop किया गया जिसके अंदर ही सारे कंपोनेंट को फिक्स कर दिया गया। सन् 1981 में IBM ने पहली बार घर पर इस्तेमाल होने वाला पहला कंप्यूटर सिस्टम तैयार किया।


    ALTAIR 8800 सबसे पहला माइक्रो कंप्यूटर था जिसे मिट्स (MITS) नाम की कंपनी ने बनाय था। इसी कंप्यूटर पर बिल गेटस (Bill Gates) ने Basic Language को इंस्टॉल किया था। इसमें सफलता प्राप्त करने के बाद बिल गेटस ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की स्थापना की जो दुनिया की सबसे बड़ी Software कंपनी है।


    चौथी पीढ़ी के कम्प्यूटरों की विशेषता क्या है?

    • LSI और VLSI टेक्निक का इस्तेमाल किया गया।
    • कंप्यूटरों में Micro Processor के उपयोग से आकार में अद्भुत कमी आ गई।
    • आम लोगों के खरीदने योग्य हो गया क्योंकि लागत में कमी आ गई और रख-रखाव का खर्चा न के बराबर।
    • स्पीड, विश्वसनीयता में काफी ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई व साथ ही और अधिक प्रभावी हो गया।
    • इन कंप्यूटरो की मेमोरी क्षमता में काफी विकास हुआ।
    • इस जनरेशन में कई प्रकार के नेटवर्क का भी विकास हुआ।


    Computer 5th Generation – फिफ्त जनरेशन के कंप्यूटर (वर्तमान से भविष्य)

    इस पीढ़ी के कंप्यूटर में वर्तमान की तकनीक और भविष्य में आने वाले टेक्नोलॉजी को सामिल किया गया है। पाँचवीं पीढ़ी के कंप्यूटरों में Artificial intelligence को बढ़ावा दिया गया है, जैसे Voice recognition, Quantum calculation, parallel processing आदि। इस पीढ़ी के कंप्यूटर काफी advance हो चुके हैं। 


    Computer 5th generation artificial intelligence
    Artificial intelligence


    इस पीढ़ी के कंप्यूटरों में Very Large Scale Integrated Circuit की जगह Ultra Large Scale Integrated Circuit का इस्तेमाल किया जाने लगा। जिससे डाटा और सूचना को आपस में शेयरिंग तथा आदान-प्रदान संभव हो गया। और साथ ही कंप्यूटर के आकार को भी बहुत ज्यादा कम करने का प्रयास किया गया। जिसका परिणाम आज हम एक कंप्यूटर को अपनी कलाई में घड़ी के जैसे पहन भी सकते हैं।


    इस जनरेशन के कंप्यूटर इतने ज्यादा विकसित हो चुके है कि वे हर विशिष्ट क्षेत्र जैसे – अकाउंटिंग, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, भवन निर्माण, अंतरिक्ष व अन्य दूसरे रिसर्च में उपयोग होने लगा।


    पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर की विशेषताएं

    • VLSIC की जगह ULSIC का इस्तेमाल किया गया जिससे कंप्यूटरों के आकार में कई प्रकार के अंतर देखने को मिले। जैसे Desk Top, Lap Top, Palm Top आदि।

    • इस पीढ़ी में इंटरनेट का बहुत बड़ा योगदान रहा है अब कंप्यूटर दुनिया भर के कंप्यूटरों से कनेक्ट हो गए और इस तरह से हम घर बैठे ही कहीं भी Document, Information, Files, कुछ भी भेज तथा प्राप्त कर सकते हैं।

    • इंटरनेट से किसी भी प्रकार की जानकारी सर्च कर सकते हैं।
    • नए-नए प्रकार के Application अत्यधिक विकसित होने लगे किसी स्पेसिक कार्य के लिए एक सॉफ्टवेयर का डेवलप किया जाने लगा।

    • इस पीढ़ी में मल्टीमीडिया जैसे – Sound, Video (Graphics), Image, और Text का जमकर विकास हुआ जिससे कंप्यूटर की दुनिया में एक क्रांति पैदा हुई।

    • पाँचवीं पीढ़ी के कंप्यूटर की मुख्य विशेषता Artificial Intelligence है। अब कंप्यूटर Face Recognition, Sound Recognition, जैसे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होने लगा।


    FAQ Related to generation of computer

    Q. प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर का आविष्कार कब हुआ था?

    Ans. सन् 1946 में।

    Q. प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में किसका यूज किया गया?

    Ans. वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube) का।

    Q. सेकंड जनेरेशन के कंप्यूटर में किसका यूज किया गया?

    Ans. ट्रांजिस्टर (Transistor)

    Q. चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर किस पर आधारित है?

    Ans. चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर माइक्रो प्रोसेसर (Micro Processor) पर आधारित है।

    Q. Fifth generation computer में किस पर जोर दिया गया है?

    Ans. आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस (Artificial Intelligence)


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    हेलो दोस्तों आज की यह पोस्ट Email ki search history kaise hataye के बारे में है। जैसा कि हम सभी  अपने मोबाइल पर Gmail app का ज़रूर इस्तेमाल करते हैं। और मोबाइल पर कई प्रकार के Emails आते रहते हैं जिस कारण हम किसी खास ईमेल को ढूढ़ने के लिए उसका नाम टाइप कर सर्च करते हैं। और फिर इस प्रकार से यह सर्च हिस्ट्री काफी लंम्बी हो जाती है। जिसे हम जानना चाहते हैं Email ki search history kaise hataye? तो चलिए जानते हैं कैसे ईमेल की सर्च हिस्ट्री हटाते हैं?


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    यदि आप Email ki search history delete करना चाहते हैं तो -


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     Email ki search history kaise hataye


    1. सबसे पहले आपको अपने मोबाइल पर जीमेल एप को ओपेन कर लेना है।

    2. इसके बाद सबसे उपर लेफ्ट साइड में 3 लाइन पर क्लिक करिए।

    3. अब आपको नीचे स्क्रोल करके Settings ऑप्शन पर चले जाना है।

    4. जब Setting क्लिक करेगे तो आपके सामने फिर एक General settings का ऑप्शन मिलेगा उस पर क्लिक कर दीजिए।

    5. इसके बाद General settings में आपको राइट साइड में 3 डॉट पर क्लिक करना है।

    6. अब यहाँ पर आपको Email ki search history clear करने का ऑप्शन मिल जाएगा। उस पर क्लिक कर दीजिए। एक पॉपअप शो होगा जिसमें से आपको Clear पर क्लिक कर देना है।


    इस प्रकार से आप अपने Gmail app की सर्च इतिहास को डिलीट कर सकते हैं।


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    Open Gmail app > Tap three line > Settings > General settings > Three Dots > Clear search history > Tap Clear.


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    बैंक में खाता बंद करने के लिए एप्लीकेशन कैसे लिखे | Bank account band karne ki application in hindi

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    यदि आप अपना SBI Kiosk account close कराना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एक बैंक खाता बंद करने के लिए एप्लीकेशन लिखना होता है। और उस पर जहाँ से अकाउंट ओपेन कराए होगें वही से सील और साइन लगवाना होता है। तो इस पोस्ट में हमने बताया है कि बैंक में खाता बंद करने के लिए एप्लीकेशन कैसे लिखे | Bank account band karne ki application in hindi लेकिन इससे पहले खाता बंद करने के नियम के बारे जान लेना भी जरूरी है। इसलिए नीचे बताए गए नियम को ध्यान से जरूर पढ़ें-

     

    खाता बंद करने के नियम

    • आप एक बार खाता बंद कराने के बाद उसे फिर से नही खुलवा सकते हैं।

    • खाता बंद कराने से पहले आपको अपने बैंक अकाउंट का बैलेंस जीरो करना होगा। या तो आप पैसे निकाल ले या दूसरे खाता में ट्रांसफर करवा लें।

    • भविष्य में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसलिए अपने बैंक अकाउंट की स्टेटमेंट की कॉपी जरूर प्रिंट कर के रख लें।

     

    खाता बंद करने के लिए आवेदन पत्र कैसे लिखे - Bank account band karne ki application kaise likhe?

    खाता बंद करने के लिए आवेदन पत्र फार्मेट 1

     

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    Bank account band karne ki application kaise likhe?

    सेवा में,

                श्रीमान् शाखा प्रबंधक अधिकारी,

                भारतीय स्टेट बैंक सीधी (.प्र.)


    विषय:- खाता बंद करने हेतु आवेदन पत्र।

    महोदय!


                सविनय निवेदन है कि मै रोहित सोनी पिता श्री उदय प्रताप सोनी, भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में अपना खाता खुलवाना चाहता हूँ। जिसके लिए मुझे किओस्क खाता संख्या 00000000123 बंद करवाना है।

     

                अतः आपसे अनुरोध है कि मेरे खाता संख्या 00000000123 को बंद करने की महान कृपा करें।

     

    दिनांक

    नाम रोहित सोनी             

    हस्ताक्षर -                      

     

     

    बैंक खाता बंद करने के लिए एप्लीकेशन in Hindi

    खाता बंद करने के लिए आवेदन पत्र फार्मेट 2

     

    सेवा में,

                श्रीमान् शाखा प्रबंधक अधिकारी

                भारतीय स्टेट बैंक सीधी (.प्र.)


    रोहित सोनी, पिता श्री उदय प्रताप सोनी      

    उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम हिनौती नं.1          

    पोस्ट सलैया जिला सीधी (.प्र.)                 

     

    विषय:- आवेदक का बैंक अकाउंट नं. 00000000123 बंद किये जाने बावत्।


    महोदय,


                आवेदक निम्नानुसार निवेदन करता है कि:-

    1          यह कि आवेदक उपरोक्त पते का स्थाई निवासी है।

    2          यह कि आवेदक का खाता क्र. 00000000123 भारतीय स्टेट बैंक की ब्रांच कियोस्क में आपकी शाखा में संचालित है। जो कि चालू स्थित में है।

    3          यह कि उपरोक्त वर्णित कंडिका क्र. 02 के खाता को आवेदक बंद करवाना चाहता है तथा भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य ब्रांच में अपना खाता खुलवाना चाहता है।

    4          यह कि आवेदक अपने आवेदन पत्र के साथ अपना आधार कार्ड तथा कियोस्क बैंक के खाते कि पासबुक की छायाप्रति संलग्न करता है।


    प्रार्थना

                अतः महोदय से प्रार्थना है कि आवेदक का खाता क्र. 00000000123 को बंद किए जाने की कृपा करें ताकि आवेदक अपना खाता भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य ब्रांच में खुलवा सके।

     

    स्थानसीधी

    दिनांक:-

    आवेदक                       

    रोहित सोनी                  

     

     

     

    Bank account band karne ki application in hindi

    खाता बंद करने के लिए आवेदन पत्र फार्मेट 3

     

    सेवा में,

     

    श्री मान शाखा प्रबंधक

    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (अपनी शाखा का नाम लिखें)

    स्टेडियम रोड, सीधी .प्र.  (अपने गांव/शहर का नाम लिखें)

     

    विषय :– बचत खाता बंद करवाने हेतु।

     

    महोदय,

     

    सविनय निवेदन है कि मेरा नाम रोहित सोनी (अपना नाम लिखें) है, आपकी बैंक शाखा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (बैंक शाखा का नाम लिखे) में मेरा बचत खाता है। जिसका अकाउंट नंबर 00000000123 (अपना अकाउंट नंबर लिखें) यह है। मै अपने व्यक्तिगत कारण से अब इस खाते को और इस्तेमाल नहीं करना चाहता हूँ।

     

    अतः आपसे निवेदन है कि मेरे बचत खाते को बंद करवाने की कृपा करे और मेरे खाते की शेष राशि मुझे नकद में देने की कृपया करे।

     

    मेरे बचत खाते की जानकारी

     

    खाता संख्या 00000000123

    नाम रोहित सोनी

    मोबाइल नं. xxxxxxxxxx

    पता ______________

     

    संलग्न दस्तावेज :-

     

    1. आधार कार्ड

    2. वोटर कार्ड (कोई भी दो सरकारी दस्तावेज की कॉपी प्रार्थना पत्र के साथ लगाएं)

    3. पास बुक कॉपी

     

    धन्यवाद

     

    विनीत                        

    सुनील कुमार             

    दिनांक____              

    हस्ताक्षर                    

     

     


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