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Fevikwik apane hi tube me kyo nhi chipakata – फेवीक्विक अपने ही डिब्बे में क्यों नही चिपकता?

Fevikwik apane hi tube me kyo nhi chipakata – फेवीक्विक अपने ही डिब्बे में क्यों नही चिपकता?

 जानिए क्या कारण है कि फेवीक्विक अपने ही डिब्बे में नही चिपकता?

अगर कोई सामान टूट जाए तो और उसे चिपकाने की बात आए तो सबसे पहले फेवीक्विक का ही नाम आता है। और फेवीक्विक से बड़ी आसानी से कोई भी सामान को तुरंत जोड़ सकते हैं। आप सभी ने फेवीक्विक का इस्तेमाल जरूर किया होगा और इसका इस्तेमाल करते समय गलती से हमारे हाथों में लग जाता है और चिपक जाता है। लेकिन ऐसा क्यों होता है कि यह फेवीक्विक अपने ही पैकेट में नही चिपकता जबकि ट्यूब से बाहर निकलते ही या सामान पर लगाते ही चिपक जाता है?

 

Fevikwik apane hi dibbe me kyo nhi chipakata – फेवीक्विक अपने ही डिब्बे में क्यों नही चिपकता?


Fevikwik apane hi tube me kyo nhi chipakata – फेवीक्विक अपने ही डिब्बे में क्यों नही चिपकता?
FeviKwik apane hi tube me kyo nhi chipakta?


दरअसल इस तरह के जितने भी लिक्विड होते हैं इन्हे स्पेसिफिक ट्यूब में एयरडाइट करके रखा जाता है और तो और इसमें सबसे खास बात ये है कि लिक्विड में एक ऐसा अल्कोहल साल्वेड डाला जाता है जो लिक्विड में मौजूद आयटम को मजबूत बांडस बनाने ही नही देता। यानी कि जब तक ये लिक्विड के अंदर रहते हैं तब तक ये किसी चीज से चिपकते नही हैं। लेकिन जैसे ही ये लिक्विड हवा के संपर्क में आते हैं तो इसमें मौजूद अलकोहल सॉल्वड हवा से क्रिया कर के उड़ जाते हैं जिस बजह से यह लिक्विड चिपकना शुरू कर देते हैं और ठोस बांडस बना लेते हैं।


और जैसा कि फेवीक्विक जब पैक किया जाता है तो उसमें हवा मौजूद नही होती है जिससे कि FeviKwik उस ट्यूब में नही चिपकेगा। और जैसे ही उस ट्यूब को खोला जाता है तो यह हवा के कांटेक्ट में आता हैं जिससे ट्यूब के ऊपरी सिरे में फेवीक्विक जम जाता हैं।


अब आप समझ गये होगें कि जितने भी इस प्रकार के Liquid होते हैं क्यों अपने ही ट्यूब में नही चिपकते हैं। अगर यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और मन में कोई सवाल हो तो हमें कमेंट करें। इस तरह की और भी रोचक जानकारी पाने के हमारे ब्लॉग TechnicalRpost को सब्सक्राइब करें।


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स्मार्टफोन में अब नॉन रिमूवेबल बैटरी क्यों आने लगी?

स्मार्टफोन में अब नॉन रिमूवेबल बैटरी क्यों आने लगी?

 

स्मार्टफोन में अब नॉन रिमूवल बैटरी क्यों आने लगी?

 

एक समय था जब मोबाइल Removable Battery  के साथ आता था और हम दो तीन बैटरी लेकर चलते थे ताकि अगर एक बैटरी डिस्चार्ज हो जाए तो हम दूसरी बैटरी लगा ले। लेकिन समय के साथ सब बदल जाता है और इसी बदलाव में Smartphone भी बदलते जा रहे हैं। आज कल सभी अच्छे स्मार्टफोन्स में Non-Removable Battery का इस्तेमाल होने लगा है, तो चलिए जानते हैं कि आखिर क्यों स्मार्टफोन्स कंपनियां नॉन रिमूवेबल बैटरी का उपयोग करने लगी है क्या है इसके पीछे का कारण।


स्मार्टफोन में नॉन रिमूवेबल बैटरी का प्रयोग क्यों होने लगा?

स्मार्टफोन में अब नॉन रिमूवल बैटरी क्यों आने लगी? Non-Removable Battery, नॉन रिमूवेबल बैटरी बाले मोबाइल के फायदे


 फोन में रिमूवल बैटरी होने की बजह से मार्केट में नकली बैटरी बनने लगी थी और लोग सस्ते के चक्कर में इन्हें अपने मोबाइल में इस्तेमाल भी करते थे जिसकी बजह यह जल्दी ही खराब हो जाती थी और फूल जाती थी यहां तक की कभी कभी बलास्ट भी हो जाती थी जिसका कंपनी पर बहुत बुरा असर पड़ता था और स्मार्टफोन कंपनी की छवि भी खराब हो जाती थी इसलिए अब कंपनियां नॉन रिमूवल बैटरी का इस्तेमाल करने लगी है। इसके अलावा नॉन-रिमूवल बैटरी के प्रयोग से मोबाइल में और भी कई फायदे है जिन्हें हम आगे जानेगे।


नॉन रिमूवेबल बैटरी बाले मोबाइल के फायदे-

1. सबसे पहला फायदा ये हुआ कि जो कुछ फर्जी कंपनियाँ नकली बैटरी बनाती थी जिससे की मार्केट में कई सारी नकली बैटरी सस्ते दाम में मिलने लगी और लोग इसके चलते नकली बैटरी ही ले लेते थे इस कारण से बैटरी जल्दी ही खराब व वलास्ट होने के चांसेस ज्यादा होते थे लेकिन अब यह संभव नही है।

2. Non-Removable Battery के इस्तेमाल से फोन की सिक्योरिटी में काफी बढ़ोत्तरी हुई है जैसे कि अब स्मार्ट फोन को काफी मजबूती के साथ बैंड किया जाता है जिससे की मोबाइल गिरने पर भी खराब नही होता है।

3. मोबाइल में Non Removable Battery होने  के कारण मोबाइल को पूरी तरह से सील किया जाता है जिससे की अब मोबाइल के अंदर आसानी से पानी व धूल कचरा आदि नही जा सकता है।

4. नॉन रिमूवेबल बैटरी बाले फोन के साथ बैटरी को कम जगह में बेहतर ढंग से फिट किया जाता है। जिससे सेट पतला और देखने में भी काफी अच्छा होता है।

5. रिमूबल बैटरी के कारण जो लोग बाजार से नकली बैटरी ले लेते थे जिससे की बैटरी के फूलने के ज्यादा चांस रहते थे अब यह दिक्कत समाप्त हो चुकी है। इसके साथ ही नॉन रिमूवेबल बैटरी की लाइफ टाइम ज्यादा हो गई है।


Non-Removable Battery बाले मोबाइल के नुकसान क्या है?

1. अगर यह मोबाइल पानी में गिर जाता है तो हम इसकी बैटरी नहीं निकाल सकते जिससे की फोन के खराब होने के चांस ज्यादा रहते हैं।

2. ऐसे फोन की बैटरी खुद से चेंज नही कर सकते है इसके लिए आपको इसके सर्विस सेंटर या किसी शॉप में ही रिप्लेस कराना पड़ेगा जिससे की खर्च अधिक आता है।

3. जब कभी मोबाइल हैंग हो जाता था तो हम उसकी बैटरी को रिमूव कर के पुनः स्टार्ट कर देते थे तो सारी समस्या ठीक हो जाती थी लेकिन अब ऐसा संभव नही है अब अगर आपका फोन हैंग हो गया तो आपको सिर्फ पॉवर बटन का सहारा लेना पड़ेगा और यह भी काम नही करता तो आपको लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है।

4. अगर फोन की बैटरी Low  हो जाए तो हम कोई दूसरे फोन की बैटरी का इस्तेमाल नही कर पाएंगे।


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आशा करता हूँ कि आप जान गए होगें कि स्मार्टफोन में अब रिमूवेबल बैटरी का इस्तेमाल क्यों नही होता। अगर यह पोस्ट पसंद आई हो तो दोस्तों के साथ शेयर करें। ऐसे ही इंट्रेसटिंग जानकारी के लिए हमारे TechnicalRpost.in को सबस्क्राइब ज़रूर करें।

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मोबाइल फोन से आँखों को होने वाले नुकसान से कैसे बचाएं?

मोबाइल फोन से आँखों को होने वाले नुकसान से कैसे बचाएं?

 

मोबाइल फोन से आँखों को होने वाले नुकसान से कैसे बचें

आज के इस टेक्नोलॉजी की दुनिया में मानव पूरी तरह से बदल चुका है आज वर्तमान में छोटे बच्चे से लेकर बड़े बुजुर्ग तक सभी इस टेक्नोलॉजी की चपेट में आ चुके हैं। सुबह आँख खुलने से लेकर रात को आँख बंद करने तक ज्यादातर हमारा समय स्क्रीन को देखने में ही बीतता जा रहा है फिर चाहे वह मोबाइल चलाना हो, टीवी देखना हो, या फिर कंप्यूटर / लैपटॉप पर काम करना हो। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है इन सबका हमारे आँखों पर कितना बुरा प्रभाव पड़ता है।


मोबाइल फोन से आँखों को होने वाले नुकसान से कैसे बचाएं?
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हेलो दोस्तो मै हूँ रोहित और Technical R Post में आपका स्वागत है। आज मै इसी के विषय में चर्चा करुगा और साथ ही मोबाइल फोन से क्या नुकसान होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।


मोबाइल फोन कैसे हमारी आँखों को नुकसान पहुचाते हैं?

मोबाइल, कंप्यूटर / लैपटॉप, टेलीवीजन आदि सभी प्रकार की स्क्रीन से हानिकारक नीली रोशनी निकलती है जो हमारी आँखों को बहुत ज्यादा प्रभावित करती है। यह नीली रोशनी का जहर हमारी आँखों की रोशनी को धुंधला किए जा रहा है  सामान्यत: प्रति मिनट 12 से 14 बार आँखे झपकती हैं, लेकिन मोबाइल स्क्रीन पर बने रहने पर यह रेट सिर्फ 6 से 7 हो जाता है। इससे आंखों में सूखापन बढ़ रहा है और आँखें कमजोर हो रही हैं। जिससे कई प्रकार की समस्याएं होती है जैसे-


सूख रहा आंखों का पानी : लगातार मोबाइल स्क्रीन पर लगे रहने से हमारी आँखो में बहुत ज्यादा जोर पड़ता जिसके वजह से आँखों का पानी सूखा जा रहा है जिससे आंखों में खुजली और जलन होने लगती है। ऐसा लगातार करने से आँखों की अश्रु ग्रंथि पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा आँखों की पुतलियां और नसें भी सिकुडऩे लगती हैं। इससे आँखों की रोशनी के साथ-साथ सिरदर्द की समस्या भी होने लगती है।


धुंधला दिखना : देर रात तक Smart Phone का इस्तेमाल करते रहने से आँखों में धुधला दिखना आम समस्या हो गयी है।


रेटिना पर अटैक : रात में जब आप अपना फोन यूज करते हैं, तो उससे निकलने वाली रोशनी सीधे हमारी आँख की रेटिना पर असर करती हैं। इससे आंखें जल्दी खराब होने लगती हैं। और देखने की क्षमता भी धीरे-धीरे घटने लगती है।


आँखों का लाल होना : लगातार स्क्रीन पर देखते रहने से आँखों का सफेद भाग लाल होने लगता है। Eye Drop  डालने पर भी ये समस्या कम नहीं होती। लाल होने के साथ ही आँखें हमेशा सूजी हुई भी लगती हैं।


आँख में जल्दी चश्मा लगना : आज भले ही मोबाइल फोन इतना जरूरी हो गया है कि इसके बिना कोई भी लोग रह नही सकता लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने पर आँखो में चश्मा लग सकता है और आगे चलकर चश्मा का नंबर भी बढ़ने लगता है। कुछ सालों के बाद आपको आँखों का ऑपरेशन तक करवाना पड़ सकता है।


Temporary Blindness : लगातार फोन की तरफ देखने से जब अचानक आप कहीं और देखते हैं, तो कुछ देर के लिए सब ब्लैक दिखता है। आँखों के सामने अंधेरा सा छा जाता है।


मोबाइल फोन से आँखों को होने वाले नुकसान से कैसे बचाएं?

  • मोबाइल को आँखों से जितना दूर रख सके रखें इससे कुछ हद तक आँखों को सुरक्षित रख सकते हैं। जब भी फोन यूज करें इस बात का ज़रूर ध्यान रखें कि मोबाइल फोन आँखों के एकदम पास में न हो।
  • रात में ज्यादा देर तक फोन यूज न करें। देर रात तक फोन यूज करने से नींद खराब होती है और बाद में ये आदत-सी बन जाती है। इससे आँखों के नीचे Dark Circle, इत्यादि होने के साथ आईसाइट पर भी बुरा असर पड़ता है।
  • मोबाइल को यूज करते समय 20 मिनट के बाद कम से कम 20 सेकंड का ब्रेक जरूर ले इससे आँखों का राहत मिलेगी।
  • अपने मोबाइल का प्रयोग करते समय इसकी Brightness कम रखें। इससे आँखों पर प्रेशर कम पड़ेगा।
  • जितना हो सके बिना बजह के मोबाइल का इस्तेमाल न करें और हो सके तो Eye Protect Glass का प्रयोग करें। इससे स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी से बचा जा सकता है।

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इंटरनेट की दुनिया में कुकीज क्या है? कुकीज के फायदे और नुकसान, कुकीज को Block या Delete कैसे करें

इंटरनेट की दुनिया में कुकीज क्या है? कुकीज के फायदे और नुकसान, कुकीज को Block या Delete कैसे करें

 इंटरनेट की दुनिया में कुकीज क्या है? कुकीज के फायदे और नुकसान, कुकीज को Block या Delete कैसे करें


आजकल हर जगह मोबाइल कंप्यूटर विद्यमान है और पृथ्वी पर रहने वाले लगभग सभी लोग इंटरनेट से जुड़े हुए है। इस सत्य को नकारा नही जा सकता। अगर हम मोबाइल या लैपटॉप/कंप्यूटर में इंटरनेट का इस्तेमाल करते है तो हमारे मोबाइल या कंप्यूटर में एक कुकीज फाइल बन जाती है जो कि एक नार्मल Text File होती है।


कुकीज क्या है? कुकीज के फायदे और नुकसान, कुकीज को Block या Delete कैसे करें
कुकीज क्या है? कुकीज को Block या Delete कैसे करें




यह Cookies इंटरनेट से ऑटोमेटिक हमारे हार्ड डिस्क में सेव हो जाती है। जिससे कि जब भी हम कोई वेबसाइट दोबारा ओपन करते हैं तो उससे संबंधित कोई भी पेज खोलने में ज्यादा आसानी होती है और इस प्रकार हमें भी कम समय लगता है और डेटा भी कम खर्च होता है।


जब भी हम किसी ब्राउजर में कोई Website को ओपेन करते है या फिर कुछ भी सर्च करते हैं तो हमारे मोबाइल कंप्यूटर में कुकीज फाइल स्टोर हो जाती है जिसकी साइज 4kb तक होती है। किन्तु सवाल ये है कि आखिर ये कुकीज क्या है और ये क्यो बनती है और इस कुकीज से हमे क्या फायदा या नुकसान होता है। तो वास्तव में ये कुकीज किसी भी वेबसाइट पर हमारे द्वारा की गई एक्टिविटी की सार्ट इन्फारमेंशन होती है जो कि हमारे फोन या कंप्यूटर में स्टोर की जाती है।



 इस कुकीज में हमारे द्वारा सर्च किए गए कीवर्ड जैसे कि आपने कौन सा कीवर्ड इस्तेमाल किया है और कौन सी वेबसाइट खोली है तो इस तरह की सभी जानकारी एक फाइल में सेव होकर हमारे मोबाइल या कंप्यूटर में रख दी जाती है ताकि इसका इस्तेमाल बाद में किया जा सके। कुकीज कई नामो से जाना जाता है जैस- Web Cookie, Browser Cookie और HTTP Cookie आदि।






    कुकीज कितने प्रकार के होते है?

    कुकीज मुख्यतः 2 प्रकार के होते है-

    Session Cookie: कुछ वेबसाइट ऐसी होती है जिन पर ऐसा Cookie Set होता है, जो की Browser Close करते ही Automatic Delete हो जाते है। ऐसे सभी Cookie को Session Cookie कहते है। इसे Temporary Cookie भी कहते हैं। इसका ज्यादातर use Government Website के लिए होता है।


    Permanent Cookie: कुछ Website पर ऐसे कुकीज सेट किए जाते है जो कि ब्राउजर क्लोज करने पर भी डिलीट नही होते है और ये कई दिनो महीनो या वर्षो तक बने रहते हैं। ऐसे कुकी को Permanent Cookie कहा जाता है। इस तरह की कुकीज का इस्तेमाल Online Booking Site, Sopping Site आदि में किया जाता है।



    Cookies काम कैसे करता है?

    जैसा कि हमने आपको बताया जब भी हम ब्राउज़र पर कुछ सर्च करते हैं तो उनकी छोटी छोटी फाइलें हमारे कंप्यूटर या हमारे मोबाइल फोन में सेव हो जाती है। और फिर जब भी हम उस वेबसाइट पर दुबारा से जाते है तो वह वेबसाइट हमारे इसी कुकी के हिसाब से ही कई ऐसी चीजे दिखाती है जो हमने पहले से सर्च किया था। और वह आपके पसंद का होता है तथा इसी के आधार पर ही उस पर adds दिखाए जाते हैं।



    Cookies के फायदे

    कुकी के इस्तेमाल से समय और डाटा दोनो की बचत होती है।
    कुकीज का इसतेमाल कर के कुछ साइटे हमारे इंट्रेस्ट के ही कांटेंट दिखाती है जो कि हमारे लिए अच्छा साबित होता है ।
    जब हमारा ब्राउज़र किसी कारण से बंद हो जाता है तो कुकीज इस्तेमाल करके हम अपनी खोली हुई Tab को दोबारा Open कर सकते है।

    Cookies के नुकसान

    कुछ ऐसे Website होते है जो की Third Party Cookies का use करते है। ऐसे सभी Website Cookies के माध्यम से हमारे सभी Personal data को भी चुरा सकते है और उनका गलत use कर सकते हैं जैसे की Online Fraud Carding इत्यादि। इस तरह के Cookies Internet Users के लिए नुकसान पहुंचा सकते है।



    कुकीज कैसे हटाएं

    हम चाहें तो अपने मोबाइल या कंप्यूटर में स्टोर सभी कुकीज को हटा सकते है और उस Website को कुकीज एक्सेस करने से रोक सकते हैं। कुकीज को क्लियर करने के ऑप्सन सभी ब्राउजर में अलग-अलग हो सकते है यहाँ पर हम Google Chrome में कुकीज को डिलीट करना बता रहे हैं-

    सबसे पहले ब्राउजर के सेटिंग ऑप्सन में जाइए। यहाँ पर आपको Advance Tool का Option मिलेगा उस पर क्लिक करें।
    इसके बाद आपको Clear Browsing Data ऑपशन पर क्लिक करना है।
    अब एक window ओपन होगी जिसमें से आप कुकीज को सेलेक्ट कर के हटा सकते हैं।

    कुकीज को Block कैसे करें

    आप जो भी Browser use करते है उसके Setting या फिर आप अगर कोई Website open किये है तो आप उसके HTTP या Secure Lock पर click करके Direct Cookies Block कर सकते है।



    तो दोस्तों उम्मीद करता हूँ आपको ये पोस्ट पसंद आयी होगी। अगर आपके मन में कोई सवाल है, तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं। पोस्ट पसंद आई हो तो कृपया इस पोस्ट को अपने सभी दोस्तों के साथ सोशल मीडिया में जरूर शेयर करें। इसके अलावा TechnicalRpost.in को Follow करके सभी नई पोस्ट की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।



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    Narco Test क्या है? और Narco Test कैसे किया जाता है?

    Narco Test क्या है? और Narco Test कैसे किया जाता है?

     

    Narco Test क्या है? और Narco Test कैसे किया जाता है?

    देश दुनिया में हर रोज नये-नये अपराध होते रहते हैं। और समय के साथ अपराधों में वृद्धि हो रही है। जिसके लिए नये-नये कानून भी बनाए जाते हैं, फिर भी कुछ अपराध ऐसे होते है जिनका सच पता करना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि अपराधी किसी भी हालत में सच नही बताना चाहते।


    देश में दिनों दिन रेप के मामलें बढ़ते जा रहे हैं। हमारे भारत के कानून में ऐसे रेपिस्ट को फॉसी की सजा का प्रावधान है। फिर भी सच का पता लगाना बड़ा मुश्किल होता है ऐसे में अपराधी से सच का पता लगाने के लिए Narco Test किया जाता है। क्या आपको Narco Test के बारे में पता है अगर नही तो चलिए समझते हैं Narco Test क्या है?


    Narco Test क्या है? और Narco Test कैसे किया जाता है?
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    Narco Test क्या है? – Narco Test kya hai?

    ऐसे कई मामले होते हैं जिसमें अपराधी अपना जुर्म स्वीकार कर लेते हैं लेकिन कुछ मामलों में अपराधी किसी भी हाल में सच को कबूल करने के लिए राजी ही नही होते हैं। ऐसी स्थिति में दोषी से सच का पता लगाने के लिए Crime Branch या CBI द्वारा Narco Test किया जाता है।


    इस टेस्ट में अपराधी को कुछ दवाइयाँ या इंजेक्शन का यूज कर के बेहोशी की हालत में लाया जाता है। फिर इस स्थिति में सच का पता लगाना आसान हो जाता है।


    इस टेस्ट को Investigation अधिकारी, Doctors, Forensic Experts, Psychologists आदि के उपस्थित में किया जाता है।


    Narco Test कैसे किया जाता है?

    इस Test में अपराधी या संबंधित व्यक्ति को Truth Drug नाम की एक Psychoactive दवा या सोडियम पेंटोथोल का इंजेक्शन लगाचा जाता है। जिससे अपराधी अर्ध्दबेहोशी अवस्था में चला जाता है। जिसमें वह ना तो पूरी तरह बेहोश होता है और ना ही होश में।


    ऐसे अवस्था में अपराधी का दिमाग कम एक्टिव रहता है। यानी उसकी सोचने की क्षमता कम हो जाती है, और वह ज्यादा बोल भी नही सकता है।


    ऐसे में अपराधी से सवाल पूछना आसान होता है, और अपराधी भी सवालों के सही जवाब देता है क्योकि अपराधी इस अवस्था में बहुत कम सोच या समझ सकता है और वह सच ही बोलता है। ऐसा इसलिए होता है कि झूठ बोलने के लिए हमें ज्यादा दिमाग की जरूरत पड़ती है। जबकि सच बोलने लिए कम दिमाग की जरूरत होती है।


    इस अवस्था में अपराधी ना चाहते हुए भी सच बोलता है। Narco Test के द्वारा सच बुलवाने के अलावा अपराधी के शरीर की प्रतिक्रिया भी देखी जाती है। इसके अपराधी को Computer Screen के सामने लेटाया जाता है। और उसे कुछ तस्वीरे दिखाई जाती है फिर अचानक से घटनास्थल की तस्वीरे स्क्रीन पर दिखायी जाती है, जिससे अपराधी या संबंधित व्यक्ति के शरीर की प्रतिक्रिया का पता चलता है।


    चूँकि घटनास्थल की तस्वीरे अपराधी के दिमाग में बैठी रहती हैं जिसे देखने पर वह घबराता है और उसके शरीर में प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।


    Narco Test से पहले क्या होता है?

     1. Narco Test करने से पहले अपराधी का शारीरिक परीक्षण किया जाता है। और उसके स्वास्थ्य की जॉच की जाती है।

     2. अपराधी के उम्र और जेंडर के आधार पर ही दवाइयाँ दी जाती है।


    👉👉हमारे दिमाग के बारे में रोचक तथ्य


    सावधानियाँ

    कई बार दवाइयों की मात्रा अधिक हो जाने के कारण नार्को टेस्ट फेल हो जाता है जिसमें सावधानी रखनी पड़ती है। इस टेस्ट में दवाई का अधिक डोज हो जाने से व्यक्ति कोमा में जा सकता है या फिर उसकी मौत भी हो सकती है।

    आँख में यदि फेवीक्विक चला जाए तो क्या होगा? || यदि आँख मे Fevikwik पड़ जाए तो क्या करें?

    आँख में यदि फेवीक्विक चला जाए तो क्या होगा? || यदि आँख मे Fevikwik पड़ जाए तो क्या करें?

     

    आँख में यदि फेवीक्विक चला जाए तो क्या होगा? || यदि आँख मे Fevikwik पड़ जाए तो क्या करें?

    फेवीक्विक एक रासायनिक पदार्थ होता है जो कि हवा के सम्पर्क में आने के बाद वाष्पीकृत होकर जम जाता है। फेवीक्विक काफी मज़बूती से किसी दो सतह को आपस में चिपका देता है। अक्सर फेवीक्विक इस्तेमाल करते समय उंगलियों में जरूर लग जाता है और हमारी उंगलिया भी चिपक जाती है। तो ऐसे में हमारे मन में एक सवाल जरूर उठता है कि क्या होगा अगर फेवीक्विक आँखों में पड़ जाए तो? क्या आँखें भी चिपक जाएंगी। या फिर आँखो को क्या नुकसान हो सकता है?


    आँख में यदि फेवीक्विक चला जाए तो क्या होगा? यदि आँख मे Fevikwik पड़ जाए तो क्या करें? आँख में फेवीक्विक पड़ जाए तो क्या करना चाहिए? फेवीक्विक हटाने के उपाय
    यदि आँख मे Fevikwik पड़ जाए तो क्या करें?



    Hello Friends, मैं हूँ रोहित और TechnicalRpost.in में आपका सभी का स्वागत है। आज इसी के बारे में बात करने वाला हूँ तो पढ़ते रहिए इस पोस्ट को।

    जब हम Fevikwik का यूज कर रहें हो तो हमें साबधानी के साथ इसका यूज करना चाहिए क्योंकि यह हमारे त्वचा पर बहुत ही जल्दी चिपकता है, और इसे निकालना काफी मुश्किल हो जाता है। लेकिन अक्सर छोटे बच्चों से ग़लतियाँ हो जाती है। और कभी उनकी उंगलियों पर फेवीक्विक लग जाता है तो कभी कही और।


    यदि आँख में फेवीक्विक चला जाए तो क्या होगा?

    हमारी आँखें बहुत ही नाज़ुक होती हैं और अगर हमारी आँख में गलती से फेवीक्विक चला जाए तो क्या होगा? तो दोस्तों घबराने की जरूरत नही है क्योंकि आँखें अपनी सुरक्षा करने में सक्षम होती हैं जैसे ही हमारे आँख में फेवीक्वक पड़ेगा तो आँसू निकलने लगेगा जिससे फेवीक्विक बेअसर हो जाएगा। फिर भी हमारी आँखें लाल पड़ जाएगी और तुरंत ही डॉक्टर के पास जाना पड़ सकता है।


    आँख में फेवीक्विक पड़ जाए तो क्या करना चाहिए?

    यदि आँख में फेवीक्विक पड़ गया हो तो कभी भी अपनी आँखों को बंद नही करना चाहिए और ना ही रगड़ना चाहिए क्योंकि इससे आँखों की पलको का आपस में चिपकने का खतरा बढ़ जाता है। फेवीक्विक हटाने के उपाय यह है कि आँखों को साफ पानी से छीटे मारकर धो लेना चाहिए इससे राहत मिलेगी और तुरंत ही डॉक्टर के पास जाना चाहिए डॉक्टर चेक कर के आपको ड्रॉफ देंगे जिसे डालने पर कुछ घंटो या दिनो बाद आँखें एकदम नार्मल हो जाएगी।


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    #CoupleChallenge #SingleChallenge Trending on social media || #CoupleChallenge #SingleChallenge किसने शुरु किया और क्यो हो रहा है इतना वायरल

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    सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफार्म है जहां कुछ-न-कुछ ट्रेंड होता ही रहता है।

    ऐसे में एक चैलेंज ट्रेंड में चला है जिसका नाम है #CoupleChallenge जो कि इन दिनों खूब चल रहा है। जिसमे कपल्स अपनी best photos पर Challenge दे रहें हैं।

    इस Challenge पर अभी तक 2.7 मिलियन से भी ज्यादा पोस्ट की जा चुकी है। 

    लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल पाया कि यह चैलेंज कहां से शुरू हुआ और किसने शुरू किया।

    इसे देखते हुए सिंगल भी भड़क गये और #SingleChallenge शुरू कर दिया है। जिसमे लोगो ने 6.5 लाख से भी ज्यादा पोस्ट कर चुके हैं।

    ऐसे में देखना यह है कि कौन किसको टक्कर दे पाते हैं।

    इस पर ट्विटर पर भी काफी funny Memes पोस्ट हों रही हैं, जो की बहुत ही मजेदार हैं।

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    #CoupleChallenge #SingleChallenge Trending on social media || #CoupleChallenge #SingleChallenge किसने शुरु किया और क्यो हो रहा है इतना वायरल #RohitSoni
    #SingleChallenge



    क्या है #CoupleChallenge #SingleChallenge

    आप जरुर सोच रहे होगे ये #couplechallenge क्या है? और #singlechallenge क्या है? तो ऐसे चैलेंज के अनुसार, कपल्स को एक-दूसरे के साथ तस्वीरें शेयर करनी है। जिसमें लोगों को खूब मजा भी आ रहा है। फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर #couplechallenge ट्रेंड को देखते हुए कई लोग इससे जुड़ भी रहे है। वहीं जो सिंगल है उन्हें ये चैलेंज कुछ खास पसंद नहीं आ रहा है। इसलिए जहां लोग अपने पार्टनर के साथ मिलकर #CoupleChallenge को पूरा कर रहे हैं, तो वहीं सिंगल के द्वारा कपल चैलेंज को लेकर शेयर किए गए फनी मीम्स और जोक्स (Funny Memes And Jokes) तेजी से वायरल हो रहे हैं। और सोशल मीडिया पर खूब जमकर ट्रेंड कर रहे है।

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    आ गया गूगल का अपना कॉलर एप । Best Alternative app for Truecaller app

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    एंड्रॉयड यूजर्स के लिए गूगल लाया है ये खास फीचर ,जो कि TrueCaller से दो कदम आगे है

    आपने Truecaller app का इस्तेमाल जरूर किया होगा लेकिन आपको पता ही होगा कि Truecaller app आपकी निजी जानकारी को भी चुरा सकता है और यह सेक्योर भी नही है इसलिए ऐसे में गूगल ने अपना निजी एप लांच किया जो कि Truecaller app से दो कदम आगे है। तो अगर आप Truecaller app इस्तेमाल करते हैं तो अभी डिलीट कर दें और गूगल का कॉलर आईडी एप डाउनलोड कर लें ।

    आ गया गूगल का अपना कॉलर एप । Best Alternative app for Truecaller app
    Best Alternative app for Truecaller 


    हेलो दोस्तों, मैं हूँ रोहित सोनी और TechnicalRpost.in में आपका स्वागत है, आज के इस आर्टिकल में बताने बाला हूँ Phone by Google - Caller ID & Spam appऔर इसका क्या यूज होता है। तो चलिए जान लेते है इस एप के बारे में

    तो दोस्तो एंड्रॉयड यूजर्स के लिए गूगल लाया है Phone by Google - Caller ID & Spam ,जो कि TrueCaller से भी ज्यादा फीचर के साथ आया है। इसकी मदद से आप को पता चलेगा कि कौन कॉल कर रहा है, और क्यों कर रहा है। साथ ही ये कॉलर लोगो भी शो करेगा। और यह यूजर्स को स्पैम कॉल की जानकारी भी देगा।

    इस एप से क्या – क्या कर सकते हैं?

    अगर आप इस एप को अपने फोन में इंसटॉल कर लेते हैं तो, आपको सामने से कौन कॉल कर रहा है यह एप आपको बताएगा, और साथ ही स्पैम कॉल की जानकारी भी मिलेगी। इसके अलावा इसमें यह भी फीचर है कि, अगर आप चाहते है कि सिर्फ वही लोग कॉल कर पाएं जो कि मेरे कॉन्टेंट लिस्ट में नंबर सेव है तो ऐसा भी आप कर सकते हैं।

    इस एप से क्या फायदा हैं?

    अगर आप इस एप को इंसटॉल कर लेते हैं तो इससे आप Unknown कॉल से छुटकारा पा सकते है। और कॉल की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं । और आपको किसी थर्ड पार्टी के  एप इंसटॉल करने की आवश्यकता नही पड़ेगी। चूंकि यह एप गूगल ने लांच किया है इसलिए इसमें आपको ऐड्स भी नही दिखेंगे जो कि बहुत अच्छी बात है। यह एप इसलिए बनाया गया है ताकि फेक कॉल को रोका जा सकें।

     

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