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Fevikwik apane hi tube me kyo nhi chipakata – फेवीक्विक अपने ही डिब्बे में क्यों नही चिपकता?

Fevikwik apane hi tube me kyo nhi chipakata – फेवीक्विक अपने ही डिब्बे में क्यों नही चिपकता?

 जानिए क्या कारण है कि फेवीक्विक अपने ही डिब्बे में नही चिपकता?

अगर कोई सामान टूट जाए तो और उसे चिपकाने की बात आए तो सबसे पहले फेवीक्विक का ही नाम आता है। और फेवीक्विक से बड़ी आसानी से कोई भी सामान को तुरंत जोड़ सकते हैं। आप सभी ने फेवीक्विक का इस्तेमाल जरूर किया होगा और इसका इस्तेमाल करते समय गलती से हमारे हाथों में लग जाता है और चिपक जाता है। लेकिन ऐसा क्यों होता है कि यह फेवीक्विक अपने ही पैकेट में नही चिपकता जबकि ट्यूब से बाहर निकलते ही या सामान पर लगाते ही चिपक जाता है?

 

Fevikwik apane hi dibbe me kyo nhi chipakata – फेवीक्विक अपने ही डिब्बे में क्यों नही चिपकता?


Fevikwik apane hi tube me kyo nhi chipakata – फेवीक्विक अपने ही डिब्बे में क्यों नही चिपकता?
FeviKwik apane hi tube me kyo nhi chipakta?


दरअसल इस तरह के जितने भी लिक्विड होते हैं इन्हे स्पेसिफिक ट्यूब में एयरडाइट करके रखा जाता है और तो और इसमें सबसे खास बात ये है कि लिक्विड में एक ऐसा अल्कोहल साल्वेड डाला जाता है जो लिक्विड में मौजूद आयटम को मजबूत बांडस बनाने ही नही देता। यानी कि जब तक ये लिक्विड के अंदर रहते हैं तब तक ये किसी चीज से चिपकते नही हैं। लेकिन जैसे ही ये लिक्विड हवा के संपर्क में आते हैं तो इसमें मौजूद अलकोहल सॉल्वड हवा से क्रिया कर के उड़ जाते हैं जिस बजह से यह लिक्विड चिपकना शुरू कर देते हैं और ठोस बांडस बना लेते हैं।


और जैसा कि फेवीक्विक जब पैक किया जाता है तो उसमें हवा मौजूद नही होती है जिससे कि FeviKwik उस ट्यूब में नही चिपकेगा। और जैसे ही उस ट्यूब को खोला जाता है तो यह हवा के कांटेक्ट में आता हैं जिससे ट्यूब के ऊपरी सिरे में फेवीक्विक जम जाता हैं।


अब आप समझ गये होगें कि जितने भी इस प्रकार के Liquid होते हैं क्यों अपने ही ट्यूब में नही चिपकते हैं। अगर यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और मन में कोई सवाल हो तो हमें कमेंट करें। इस तरह की और भी रोचक जानकारी पाने के हमारे ब्लॉग TechnicalRpost को सब्सक्राइब करें।


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Narco Test क्या है? और Narco Test कैसे किया जाता है?

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Narco Test क्या है? और Narco Test कैसे किया जाता है?

देश दुनिया में हर रोज नये-नये अपराध होते रहते हैं। और समय के साथ अपराधों में वृद्धि हो रही है। जिसके लिए नये-नये कानून भी बनाए जाते हैं, फिर भी कुछ अपराध ऐसे होते है जिनका सच पता करना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि अपराधी किसी भी हालत में सच नही बताना चाहते।


देश में दिनों दिन रेप के मामलें बढ़ते जा रहे हैं। हमारे भारत के कानून में ऐसे रेपिस्ट को फॉसी की सजा का प्रावधान है। फिर भी सच का पता लगाना बड़ा मुश्किल होता है ऐसे में अपराधी से सच का पता लगाने के लिए Narco Test किया जाता है। क्या आपको Narco Test के बारे में पता है अगर नही तो चलिए समझते हैं Narco Test क्या है?


Narco Test क्या है? और Narco Test कैसे किया जाता है?
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Narco Test क्या है? – Narco Test kya hai?

ऐसे कई मामले होते हैं जिसमें अपराधी अपना जुर्म स्वीकार कर लेते हैं लेकिन कुछ मामलों में अपराधी किसी भी हाल में सच को कबूल करने के लिए राजी ही नही होते हैं। ऐसी स्थिति में दोषी से सच का पता लगाने के लिए Crime Branch या CBI द्वारा Narco Test किया जाता है।


इस टेस्ट में अपराधी को कुछ दवाइयाँ या इंजेक्शन का यूज कर के बेहोशी की हालत में लाया जाता है। फिर इस स्थिति में सच का पता लगाना आसान हो जाता है।


इस टेस्ट को Investigation अधिकारी, Doctors, Forensic Experts, Psychologists आदि के उपस्थित में किया जाता है।


Narco Test कैसे किया जाता है?

इस Test में अपराधी या संबंधित व्यक्ति को Truth Drug नाम की एक Psychoactive दवा या सोडियम पेंटोथोल का इंजेक्शन लगाचा जाता है। जिससे अपराधी अर्ध्दबेहोशी अवस्था में चला जाता है। जिसमें वह ना तो पूरी तरह बेहोश होता है और ना ही होश में।


ऐसे अवस्था में अपराधी का दिमाग कम एक्टिव रहता है। यानी उसकी सोचने की क्षमता कम हो जाती है, और वह ज्यादा बोल भी नही सकता है।


ऐसे में अपराधी से सवाल पूछना आसान होता है, और अपराधी भी सवालों के सही जवाब देता है क्योकि अपराधी इस अवस्था में बहुत कम सोच या समझ सकता है और वह सच ही बोलता है। ऐसा इसलिए होता है कि झूठ बोलने के लिए हमें ज्यादा दिमाग की जरूरत पड़ती है। जबकि सच बोलने लिए कम दिमाग की जरूरत होती है।


इस अवस्था में अपराधी ना चाहते हुए भी सच बोलता है। Narco Test के द्वारा सच बुलवाने के अलावा अपराधी के शरीर की प्रतिक्रिया भी देखी जाती है। इसके अपराधी को Computer Screen के सामने लेटाया जाता है। और उसे कुछ तस्वीरे दिखाई जाती है फिर अचानक से घटनास्थल की तस्वीरे स्क्रीन पर दिखायी जाती है, जिससे अपराधी या संबंधित व्यक्ति के शरीर की प्रतिक्रिया का पता चलता है।


चूँकि घटनास्थल की तस्वीरे अपराधी के दिमाग में बैठी रहती हैं जिसे देखने पर वह घबराता है और उसके शरीर में प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।


Narco Test से पहले क्या होता है?

 1. Narco Test करने से पहले अपराधी का शारीरिक परीक्षण किया जाता है। और उसके स्वास्थ्य की जॉच की जाती है।

 2. अपराधी के उम्र और जेंडर के आधार पर ही दवाइयाँ दी जाती है।


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सावधानियाँ

कई बार दवाइयों की मात्रा अधिक हो जाने के कारण नार्को टेस्ट फेल हो जाता है जिसमें सावधानी रखनी पड़ती है। इस टेस्ट में दवाई का अधिक डोज हो जाने से व्यक्ति कोमा में जा सकता है या फिर उसकी मौत भी हो सकती है।

आँख में यदि फेवीक्विक चला जाए तो क्या होगा? || यदि आँख मे Fevikwik पड़ जाए तो क्या करें?

आँख में यदि फेवीक्विक चला जाए तो क्या होगा? || यदि आँख मे Fevikwik पड़ जाए तो क्या करें?

 

आँख में यदि फेवीक्विक चला जाए तो क्या होगा? || यदि आँख मे Fevikwik पड़ जाए तो क्या करें?

फेवीक्विक एक रासायनिक पदार्थ होता है जो कि हवा के सम्पर्क में आने के बाद वाष्पीकृत होकर जम जाता है। फेवीक्विक काफी मज़बूती से किसी दो सतह को आपस में चिपका देता है। अक्सर फेवीक्विक इस्तेमाल करते समय उंगलियों में जरूर लग जाता है और हमारी उंगलिया भी चिपक जाती है। तो ऐसे में हमारे मन में एक सवाल जरूर उठता है कि क्या होगा अगर फेवीक्विक आँखों में पड़ जाए तो? क्या आँखें भी चिपक जाएंगी। या फिर आँखो को क्या नुकसान हो सकता है?


आँख में यदि फेवीक्विक चला जाए तो क्या होगा? यदि आँख मे Fevikwik पड़ जाए तो क्या करें? आँख में फेवीक्विक पड़ जाए तो क्या करना चाहिए? फेवीक्विक हटाने के उपाय
यदि आँख मे Fevikwik पड़ जाए तो क्या करें?



Hello Friends, मैं हूँ रोहित और TechnicalRpost.in में आपका सभी का स्वागत है। आज इसी के बारे में बात करने वाला हूँ तो पढ़ते रहिए इस पोस्ट को।

जब हम Fevikwik का यूज कर रहें हो तो हमें साबधानी के साथ इसका यूज करना चाहिए क्योंकि यह हमारे त्वचा पर बहुत ही जल्दी चिपकता है, और इसे निकालना काफी मुश्किल हो जाता है। लेकिन अक्सर छोटे बच्चों से ग़लतियाँ हो जाती है। और कभी उनकी उंगलियों पर फेवीक्विक लग जाता है तो कभी कही और।


यदि आँख में फेवीक्विक चला जाए तो क्या होगा?

हमारी आँखें बहुत ही नाज़ुक होती हैं और अगर हमारी आँख में गलती से फेवीक्विक चला जाए तो क्या होगा? तो दोस्तों घबराने की जरूरत नही है क्योंकि आँखें अपनी सुरक्षा करने में सक्षम होती हैं जैसे ही हमारे आँख में फेवीक्वक पड़ेगा तो आँसू निकलने लगेगा जिससे फेवीक्विक बेअसर हो जाएगा। फिर भी हमारी आँखें लाल पड़ जाएगी और तुरंत ही डॉक्टर के पास जाना पड़ सकता है।


आँख में फेवीक्विक पड़ जाए तो क्या करना चाहिए?

यदि आँख में फेवीक्विक पड़ गया हो तो कभी भी अपनी आँखों को बंद नही करना चाहिए और ना ही रगड़ना चाहिए क्योंकि इससे आँखों की पलको का आपस में चिपकने का खतरा बढ़ जाता है। फेवीक्विक हटाने के उपाय यह है कि आँखों को साफ पानी से छीटे मारकर धो लेना चाहिए इससे राहत मिलेगी और तुरंत ही डॉक्टर के पास जाना चाहिए डॉक्टर चेक कर के आपको ड्रॉफ देंगे जिसे डालने पर कुछ घंटो या दिनो बाद आँखें एकदम नार्मल हो जाएगी।


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इंटरनेट से संबंधित Words और उनके Full Form

इंटरनेट से संबंधित Words और उनके Full Form


इंटरनेट से संबंधित शब्दावली


          हेलो दोस्तो TechnicalRpost में आपका स्वागत है ! आज हम आपके के लिए लाए हैं इंटरनेट से संबंधित Words और उनके Full Form जो कि आप शायद ही जानते होगें । यह सभी शब्द का उपयोग आम तौर पर बहुत उपयोग किया जाता है और हम सब भी यूज करते हैं लेकिन इसका सही मतलब नहीं जानते हैं, ऐसे प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूछे जाते हैं इसलिए इसको जानना जरूरी है, तो आइए जानते हैं इन शब्दों का सही अर्थ--

Protocol- यह एक ऐसी मानक औपचारिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से कम्प्यूटर नेटवर्क में अंकीय संचार किया जाता है।
Browser- यह एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जिसकी मदद से यूजर सूचनाओं को प्राप्त करने के लिए इंटरनेट में प्रवेश करता है।
Web Server- यह प्रोग्राम वेब ब्राउजर के द्वारा संसाधनों को प्राप्त करने के लिए यूजर द्वारा दिए गए अनुरोध को पूरा करता है।
Network- कई सिस्टमों को एक साथ जोड़कर बनाए गए संजाल को नेटवर्क क हते हैं। इसके द्वारा एक साथ कई जगहों पर सूचनाओं का आदान-प्रदान करना संभव है।
On line- जब यूजर इंटरनेट पर जान-करियों व सेवाओं का अध्ययन करता है। तब कहा जाता है कि यूजर ऑन लाइन है।
Home page- यह किसी भी साइट का शुरूआती प्रदर्शित पेज है। जिसमें सूचनाएं हाईपरलिंक द्वारा जोड़ी जाती है।
Off line- इसमें यूजर इंटरनेट में मौजूद सूचनाओं को अपने अपने सिस्टम में संग्रहित कर इंटरनेट संपर्क काट देता है।
Hyper Text Mark-up Language (HTML)- इसका प्रयोग वेब पेज बनाने में किया जाता है। शुरूआत में इसका प्रयोग वेब पेज डिजाइन करने में किया जाता था।
Hyper Text Transfer Protocol ( HTTP )- इसका प्रयोग एचटीएमएल में संगृहित दस्तावेजों व दूसरे वेब संसाधनों कों स्थानांतरित करने में किया जाता है।
TCP / IP- इसका प्रयोग सूचनाओं के आदान-प्रदान में किया जाता है।
Uniform Resource Locator (URL)- इसका प्रयोग वेब पर किसी विशेष सूचना को संचालित करने में किया जाता है।
Web Page- होम पेज पर बने हाइपर लिंक पर क्लिक करने पर जो पेज हमारे सामने प्रस्तुत होता है, उसे वेब पेज कहते हैं।
Website- वेब पेजों के समूहों को वेबसाइट कहते हैं। जिसमें आडियो, वीडियों, इमेजेस का समावेश होता है।
Hyper link- वेब पेज में मौजूद वे विशेष शब्द या चित्र जिस पर क्लिक करने पर उस शब्द या चित्र से सम्बंधित एक अलग वेब पेज पर आ जाती है। उसे वेब पेज को हाइपर लिंक कहते है।
Download- इंटरनेट या किसी अन्य कंम्प्यूटर से प्राप्त सूचनाओं को अपने कम्प्यूटर में एकत्रित करना डाउनलोड कहलाता है।
Upload- अपने कम्प्यूटर से किसी अन्य कम्प्यूटर में सूचनाएं भेजना अपलोड कहलाता है। जैसे ई-मेल भेजना।
Server- वह कम्प्यूटर जो इंटरनेट प्रयोग करने वाले सिस्टम को सूचनाएं प्रदान करने की क्षमताएं रखता है, सर्वर कहलाता है।
Surfing-  इंटरनेट के नेटवर्कों में अहम सूनचाओं को खोजने का काम सर्फिंग कहलाता है।
Internet Address-इंटरनेट में प्रयुक्त एड्रेस के मूलभूत हिस्से को डोमेन कहा जाता है। इंटरनेट से जुड़े हर कम्प्यूटर का एक अलग डोमेन होता है। जिसे डोमेन नेम सिस्टम कहते हैं। जिसे 3 भागों में बांटा जा सकता है।
1.
जेनेरिक डोमेन
2.
कंट्री डोमेन
3.
इनवर्स डोमेन

( A )


Abacus: Abacus गणना करने के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला अति प्राचीन यंत्र जिससे अंकों को जोड़ा व घटाया दोनों जाता है।
Accessory: यह प्रोसेसिंग के लिए एक आवश्यक संसाधन होते हैं जिन्हें सहायक यन्त्र भी कहा जाता है। जैसे- वेब कैमरा, फ्लापी डिस्क, स्कैनर, पेन ड्राइव आदि
Access Control: सूचना और संसाधनों की की सुरक्षा के लिए प्रयुक्त की गई विधि जिसके द्वारा अनाधिकृत यूजर को सूचना और निर्देशों को पहुंचने से रोकता है।
Access Time: यूजर द्वारा मेमोरी से डाटा प्राप्त करने के लिए दिए गए निर्देश और डाटा प्राप्त होने तक के बीच के समय को Access time कहते हैं।
Accumulator:एक प्रकार का रजिस्टर जो प्रोसेसिंग के दौरान डाटा और निर्देशों को संग्रहीत करता है।
Active Device: वह उपकरण है जिसमें कोई कार्य वैद्युत् प्रवाह द्वारा सम्पादित किया जाता है।
Active Cell: MS Excel में प्रयोग होने वाला वह खाना है, जिसमें यूजर डाटा लिखता है।
Active Window: कम्प्यूटर में उपस्थित वह विंडो, जो यूजर द्वारा वर्तमान समय में सक्रिय है।
Adapter: दो या दो से अधिक उपकरणों या संसाधनों के बीच सामंजस्य बनाने के लिए प्रयुक्त की जाने वाली युक्ति।
Adder: एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, जिसके द्वारा दो या दो से अधिक संख्याओं को जोड़ा जा सकता है।
Address: वह पहचान चिन्ह जिसके द्वारा डाटा की स्थिति का पता चलता है।
Algorithm: कम्प्यूटर को दिया जाने वाला अनुदेशों का वह क्रम जिसके द्वारा किसी कार्य को पूरा किया जाता है।
Alignment: डाटा में पैराग्राफ को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया।
Alphanumeric: (A-Z) तक के अक्षरों और (0-9) अंकों के समूह को alphanumeric कहते हैं।
Analog: भौतिक राशि की वह मात्रा जो लगातार तरंगीय रूप में परिवर्तित होती है।
Analog Computer: जिस कम्प्यूटर में डाटा भौतिकीय रूप से प्रयुक्त किया जाता है।
Antivirus: कम्प्यूटर का दोषपूर्ण प्रोग्राम अथवा 1द्बह्म्ह्वह्य से होने वाली क्षति को बचाने वाला प्रोग्राम।
Application Software: किसी विशेष कार्य के लिए बनाए गए एक या एक से अधिक प्रोग्रामों का समूह।
Artificial Intelligence: मानव की तरह सोचने, समझने और तर्क करने की क्षमता के विकास को कम्प्यूटर में Artificial Intelligence कहते हैं।
ASCII (American Standard Code For Information Interchange): वह कोड जिसके द्वारा अक्षरों तथा संख्याओं को 8 बिट के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।
Assembler: वह प्रोग्राम जो असेम्बली भाषा को मशीनी भाषा में परिवर्तित करता है।
Assembly Language: एक प्रकार की कम्प्यूटर भाषा जिसमें अक्षरों और अंकों को छोटे-छोटे कोड में लिखा जाता है।
Asynchronous: डाटा भेजने की एक पद्घति, जिसमें डाटा को नियमित अन्तराल में अपनी सुविधानुसार भेजा जा सकता है।
Authentication: वह पद्घति, जिसके द्वारा कम्प्यूटर के वैद्यता की पहचान की जाती है।
Auto Cad: एक सॉफ्टवेयर जो रेखा चित्र और ग्राफ स्वत: तैयार करता है।
Audio-Visual: ऐसी सूचना और निर्देश, जिन्हें हम देख सुन सकते हैं पर प्रिंट नहीं निकाल सकते।
Automation: किसी डाटा या सूचना का स्वत: ही प्रोसेस होना।

( B )
BASIC: यह एक उच्चस्तरीय, अत्यन्त उपयोगी व सरल भाषा है, जिसका प्रयोग सभी कम्प्यूटरों में होता है।
Binary:
गणना करने के लिए प्रयोग की जाने वाली संख्या प्रणाली।
Bit:
बाइनरी अंक (0-1) को संयुक्त रूप से बिट कहा जाता है, यह कम्प्यूटर की सबसे छोटी इकाई है।
Bite:
8 बिटों को सम्मिलित रूप से बाइट कहा जाता है। एक किलोबाइट में 1024 बाइट होती हैं।
Biochip:
जैव प्रौद्योगिकी पर आधारित व सिलिकॉन से बनी इस चिप से ही कम्प्यूटर का विकास हो पाया है।
Backbone: कम्प्यूटर नेटवर्क में अन्य कम्प्यूटरों को आपस में जोडऩे वाली मुख्य लाइन।
Background Processing:
निम्न प्राथमिकता वाले प्रोग्राम को उच्च प्राथमिकता वाले प्रोग्राम में बदलने की क्रिया।
Back Up: सामान्यत Back Up कोई भी प्रोग्राम हो सकता है, जिसके द्वारा कम्प्यूटर को खराब होने से बचाया जा सकता है।
Bad Sector:
स्टोरेज डिवाइस में वह स्थान जहां पर डाटा लिखा या पढ़ा नहीं जा सकता।
Band Width:
डाटा संचरण में प्रयोग की जाने वाली आवृत्ति की उच्चतम और निम्नतम सीमा का अन्तर Band Width कहलाता है।
Base: संख्या पद्वति में अंकों को व्यक्त करने वाले चिन्हों को कहा जाता है।
Batch File:
Dos ऑपरेटिंग सिस्टम में प्रोग्राम की वह फाइल जो स्वंय संपादित होती है।
Band: वह इकाई जो डाटा संचारण की गति को मापता है।

1 Band= 1 Bite/sec
Blinking: किसी बिंदु पर कर्सर की स्थिति को Blinking कहते हैं।
Biometric Device: वह डिवाइस जो दो व्यक्तियों के भौतिक गुणों में अंतर कर सकने में सक्षम हो।
Bernoulli Disk: वह चुम्बकीय डिस्क जो रीड व राइट दोनों में ही सक्षम है, डाटा भण्डारण के लिए प्रयोग की जाती है।
Broad Band: कम्प्यूटर नेटवर्क जिसके संचरण की गति 1 मिलियन बिट्स प्रति सेकेण्ड या इससे अधिक होती है।
Browse: जब इंटरनेट पर किसी वेबसाइट को खोजा जाता है तो उस प्रक्रिया को Browse कहते हैं।
Browser: वह साफ्टवेयर जिसके माध्यम से हम इंटरनेट पर अपनी पसंद की वेबसाइट को खोज कर सूचना प्राप्त करते हैं।
Bridge Ware: यह सॉफ्टवेयर हैं जिसके द्वारा कम्प्यूटरों के मध्य सामंजस्य स्थापित किया जाता है।
Bubble Memory: जिसमें डाटा को स्टोर करने के लिए चुम्बकीय माध्यमों का प्रयोग किया जाता है।
Buffer: एक प्रकार की डाटा स्टोरेज डिवाइस है, जो कम्प्यूटर के विभिन्न प्रकार के उपकरणों के बीच डाटा- स्थानन्तरण की गति को एक समान बनाता है।
Bus: एक प्रकार का मार्ग है जो डाटा या इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले कर जाता है।
Blue Tooth: एक लघु रेडियो ट्रांसमीटर होता है जिसके द्वारा सूचनाओं का आदान- प्रदान किया जाता है।
Boot: ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा किया जाने वाला सबसे प्रारम्भिक कार्य Boot कहलाता है।
Bug: यह एक प्रकार का Error होता है, जो कम्प्यूटर में उपस्थित प्रोग्रामों में पाया जाता है। bug को हटाने की प्रक्रिया को Debug कहा जाता है।


(C)
Chip : Chip सामान्यत: सिलिकॉन अथवा अन्य अद्र्घचालकों से बना छोटा टुकड़ा होता है, जिस पर विभिन्न प्रकार के कार्यों को पूरा करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्किट बने होते हैं।
Computer Program :किसी कार्य को विधिवत तरीके से पूर्ण करने के लिए कई प्रकार के प्रोग्राम बनाये जाते हैं, जिन्हें Computer Program कहा जाता हैं। सामान्यत:
Computer Program विभिन्न प्रकार की सूचनाओं का समूह होता है।
Cyber Space : Cyber Space द्वारा कम्प्यूटर नेटवर्क में उपस्थित सूचनाओं का आदान-प्रदान पूरे विश्व में किया जाता है।
CD-R/W : इसे विस्तृत रूप से Compact Disk - Read/Write कहा जाता है। यह एक Storage Device है। जिसमें डाटा को बार-बार लिखा तथा पढ़ा जा सकता है।
CD-R : इसे विस्तृत रूप से Compact Disk - Recordable कहा जाता है। इस Storage Device में डाटा केवल पढ़ा जा सकता हैं। लेकिन Store डाटा में कोई भी परिवर्तन नहीं किया जा सकता है।
CD ROM Juke Box : इसे विस्तृत रूप से Compact Disk Read Only Memory Juke Box कहते है। इस Storage Device में अनेक प्रकार की सीडियां, ड्राइव्स, डिस्कस आदि सम्मिलित होती है।
Cell : Row और Column से निर्मित भाग को Cell कहा जाता है।
CPU : इसका विस्तृत रूप Central Processing Unit Processing हैं। यह कम्प्यूटर में होने वाली सभी क्रियाओं की प्रोसेसिंग करता है। यह कम्प्यूटर का दिमाग कहलाता है।
Character Printer : इसकी विशेषता यह है कि यह एक बार में केवल एक ही कैरेक्टर (जैसे-अंक, अक्षर अथवा कोई भी चिन्ह) प्रिन्ट करता हैं।
Chat : इंटरनेट के द्वारा दूर स्थिर अपने मित्र या सगे-सम्बंधियों से वार्तालाप करना, Chat कहलाता हैं।
Channel Map : वह प्रोग्राम, जो अक्षरों, अंकों के समूह को दर्शाता है, Channel Map कहलाता है।
Check Box : वह प्रोग्राम, जिसके द्वारा किसी कार्य को सक्रिय या निष्क्रिय किया जाता हैं। ये प्रोग्राम विण्डोज के GUI (ग्राफिकल यूजर इंटरफेस) में प्रयुक्त किये जाते हैं।
Cladding : Cladding एक अवरोधक सतह होती है। जोकि प्रकाशीय तन्तु के ऊपर लगायी जाती है।
Click : माउस के बटन को दबाना क्लिक" करना कहलाता हैं।
Client Computer : वह कम्प्यूटर, जो नेटवर्क में सर्वर को सेवा प्रदान करता हैं, Client Computer कहलाता है।
Clip Art : कम्प्यूटर में उपस्थित रेखा चित्र का समूह Clip Art कहलाता है।
Component : यूटलिटी सॉफ्टवेयर के अन्र्तगत प्रयुक्त होने वाले पुर्जे Component कहलाते हैं।
Compile : उच्च स्तरीय तथा निम्न स्तरीय भाषाओं को मशीनी भाषा में बदलना Compile करना कहलाता है।
Compiler : Compiler उच्च स्तरीय भाषा को मशीनी भाषा में बदलने के लिए प्रयुक्त किया जाता है।
Compatible : विभिन्न प्रकार के कम्प्यूटरों को एक-साथ जोड़कर उनमें सामंजस्य बैठाना।
Communication Protocol : कार्य को सरल तथा सुविधाजनक बनाने के लिए कई प्रकार के नियम बनाये जाते हैं, जिन्हें कम्प्यूटर भाषा में Communication Protocol कहते हैं।
Common Carriers : एक संस्था, जो डाटा संचरण की सुविधा प्रदान करती है।
Command : कम्प्यूटर में किसी कार्य को पूरा करने के लिए जब कोई निर्देश दिया जाता है, तो उसे Command देना कहते हैं।
Cold Fault : कम्प्यूटर पर काम करते-करते अचानक दोष उत्पन्न हो जाना, परन्तु कम्प्यूटर को दोबारा ऑन करने पर दोष का दूर हो जाना Cold Fault कहलाता हैं।
Cold Boot : दिए गए नियमों द्वारा कार्य सम्पन्न करने की विधि Cold Boot कहलाती है
Coding : प्रोग्रामिंग भाषा में अनुदेशों को लिखने की क्रिया Coding कहलाती है।
Co-axial Cable : एक विशेष तार, जिसे डाटा संचरण के लिए प्रयुक्त किया जाता है। Co-axial Cable में एक केन्द्रीय तार तथा उसके चारों ओर तारों की जाली होती है।
Clock : मदरबोर्ड पर स्थित डिजिटल संकेतों को उत्पन्न करने वाली घड़ी।
Clip Board : Clip Board कम्प्यूटर की मेमोरी में आरक्षित वह स्थान होता हैं, जहां किसी भी कार्य को सम्पन्न करने के लिए निर्देश दिए होते हैं।
Composite Video : इसके द्वारा रंगीन आउटपुट प्राप्त होता है।
Computer : गणना करने वाला एक यन्त्र, जो User द्वारा प्राप्त निर्देशों की प्रोसेसिंग करके उसका उपयुक्त परिणाम आउटपुट डिवाइस के द्वारा प्रदर्शित करता है।
Computer Aided Design (CAD) : वह सॉफ्टवेयर, जिसका प्रयोग डिजाइन बनाने अथवा डिजाइनिंग करने के लिए किया जाता है।
Computer Aided Manufacturing (CAM) : वह सॉफ्टवेयर, जिसका प्रयोग प्रबन्धक, नियन्त्रक आदि के कार्यों के लिए किया जाता है।
Computer Jargon : Computer Jargon के द्वारा हम किसी भी क्षेत्र तथा भाषा में प्रयुक्त शब्दों की शब्दावली प्राप्त कर सकते हैं।
Computer Literacy : कम्प्यूटर में होने वाले कार्य तथा उन्हें करने का ज्ञान होना Computer Literacy कहलाता है।
Computer Network : दो या दो से अधिक कम्प्यूटरों को एक साथ जोड़कर बनाये जाने वाले यन्त्र को Computer Network कहते हैं।
Computer System : उपकरणों का समूह (जैसे - मॉनीटर, माउस, की-बोर्ड आदि) Computer System कहलाता है।
Console : Console एक प्रकार का टर्मिनल हैं, जो मुख्य कम्प्यूटर से जुड़ा होता है तथा कम्प्यूटर में होने वाले कार्यों पर नियन्त्रण रखता है।
Control Panel : Control Panel एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जिसके ऊपर बहुत-से बटन लगे होते हैं। इसके द्वारा कार्य का दिशा- निर्देशन होता है।
Cylinder : Cylinder दो या दो से अधिक ट्रैकों का समूह होता है।
Cut : मॉनीटर पर उपस्थित डाटा को डिलीट करने के लिए प्रयुक्त कमाण्ड।
Cursor Control Key  : यह की-बोर्ड में Cursor को नियंत्रित करने के लिए प्रयुक्त Key है। माउस खराब हो जाने पर इस Key का प्रयोग मुख्य रूप से किया जाता है।
Cryptography : किसी डाटा तथा निर्देशों को Password के द्वारा संरक्षित कर देने तथा आवश्यकता पडऩे पर पुन: Save किये गये डाटा तथा निर्देश को प्राप्त करने की प्रक्रिया को Cryptographyकहा जाता है।
Corel Draw  : डिजाइन तैयार करने के लिए प्रयोग किये जाने वाले सॉफ्टवेयर को Corel Draw कहा जाता हैं। इसका प्रयोग मुख्यत: DTP (डेस्कटॉप पब्लिशिंग) के लिये किया जाता है।
CD-ROM : यह भण्डारण युक्ति है, जो कि प्लास्टिक की बनी होती है तथा इसमें डाटा लेजर बीम की सहायता से स्टोर किया जाता है। इसकी भण्डारण क्षमता 700 MB (80 मिनट) होती है।
Cursor : टेक्स्ट लिखते समय कम्प्यूटर स्क्रीन पर “Blink” करने वाली खड़ी रेखा को Cursor कहते है।

कम्प्यूटर सामान्य ज्ञान


1. कम्प्यूटर में प्रयुक्त होने वाला आईसी चिप सिलिकॉन का बना होता है।
2. भारत का सिलिकॉन वैली बंगलौर स्थिति है।
3. कम्प्यूटर विज्ञान मे पीएचडी करने वाले प्रथम भारतीय डॉ राज रेड्डी है।
4. विश्व का सबसे बड़ा कम्प्यूटर नेटवर्क इंटरनेट है।
5. कम्प्यूटर मे प्रोग्राम की सूची को मेन्यू (Menu) कहा जाता है ?
6. रेलवे मे प्रथम कम्प्यूटर रिजर्वेशन पद्धति नई दिल्ली में लागू की गई थी।
7. गणना संयन्त्र एबाकस (Abacus) का आविष्कार किस चीन में हुआ था।
8. विश्व की प्रथम महिला कम्प्यूटर प्रोग्रामर होने का श्रय एडा ऑगस्टा, (अमेरिका) किसे जाता है।
9. विश्व में सर्वाधिक कम्प्यूटरों वाला देश अ‍मेरिका ।
10. द हिन्दु और इंडिया टुडे प्रथम भारतीय पत्र/पत्रिकाएं है जो इंटरनेट पर उपलब्ध हुई।

11. मासायोशी सन को इंटरनेट का सम्राट कहा जाता है ?
12. “मंत्र ऑन लाईन “ देश की पहली अन्तर्राष्ट्रीय इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने वाली कम्पनी है।
13. इंटरनेट पर जनगणना करने वाला विश्व का पहला देश सिंगापुर है।
14. विश्व में सबसे कम उम्र के वेब डिजाइनर होने का गौरव अजय पुरी ने प्राप्त किया ?
15. क्रे-1 (Cray-1) विश्व का प्रथम सुपर कम्प्यूटर है।
16. परम सुपर कम्प्यूटर का विकास पुणे स्थित सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कम्प्यूटिंग (सी-डेक) के द्वारा किया गया है।
17. कम्प्यूटर में किसी शब्द की लम्बाई बिट्स मे नापी जाती है।
18. इंटरनेट के आविष्कारक डॉ विंट सर्फ माने जाते है।
19. भारत में इंटरनेट उपभोक्ताओं की सर्वाधिक संख्या महाराष्ट्र राज्य में है।
20. डॉ. डगलस इंजेलबार्ट (Dr.Douglas Engelbart) ने 1964 माउस का आविष्कार किया। जो कि लकड़ी का बना था।

21. प्रथम वेब साइट के निर्माण का श्रेय टिम बर्नस ली (Tim Berners Lee) को है। इन्हें World Wide Web का संस्थापक कहा जाता है।
22. बिल गेट्‌स (Bill Gates) तथा पाल एलेन (Paul Allen) ने मिलकर 1975 में माइक्रोसाफ्ट कॉरपोरेशन की स्थापना की।
23. बिलगेट्‌स की प्रसिद्ध पुस्तक 'The Road Ahead' 1995 में लिखी गई। वर्तमान में वे "Bill and Melinda Gates Foundation" द्वारा सामाजिक कार्यों में लगे है।
24. भारत के सबीर भाटिया (Sabeer Bhatia) ने फ्री ईमेल सेवा हॉटमेल (Hotmail) को जन्म दिया।
25. ब्लू टूथ एक बेतार तकनीक (Wireless Technology) है जिसके द्वारा मोबाइल फोन के जरिये कम दूरी में कम्प्यूटर और विभिन्न उपकरणों को जोड़ा जाता है।
26. बैंकों में एटीएम (Automatic Teller Machine) वैन (WAN) का एक उदाहरण है।
27. Wi-Fi का अर्थ है Wireless Fidelity इसका प्रयोग बेतार तकनीक द्वारा कम्प्यूटर के दो उपकरणों के बीच संबंध स्थापित करने के लिए किया जाता है।
28. WAP (Wireless Access Point) एक युक्ति है जो विभिन्न संचारमाध्यमों को जोड़कर एक बेतार नेटवर्क बनाता है।
29. कम्प्यूटर के Standby Mode में मॉनीटर तथा हार्ड डिस्क ऑफ हो जाता है ताकि कम उर्जा खपत हो। किसी भी बटन को दबाने या माउस क्लिक करने से कम्प्यूटर Standby Mode से बाहर आ जाता है।
30. IBM का पूरा नाम International Business Machine है ।

31. Hyper Text एक डाक्यूमेंट है जो उस वेब पेज को दूसरे डाक्यूमेंट केसाथ जोड़ता है।
32. Blog शब्द Weblog से बना है। Blog किसी व्यक्ति द्वारा निर्मित वेब साइट है जहां वह अपने विचार, अनुभव या जानकारी रख सकता है। इस वेब साइट को पढ़ने वाले अन्य व्यक्ति भी इस विषय पर अपनी टिप्पणी दे सकते हैं।
33. Beta Release किसी साफ्टवेयर या तकनीक की उपयोगिता को परखने के लिए निर्माण के दौरान उसे बाजार में जारी करने को कहा जाता है।
34. पॉप अप (Pop-up) वेब ब्राउजिंगके दौरान स्वयं खुलने वाला विज्ञापनका विण्डो है।
35. की-बोर्ड की संरचना के निर्माण का श्रेय क्रिस्टोफर लॉथम सोल्स (Christopher Latham Sholes) को जाता है।
36. डिजिटल काम्पैक्ट डिस्क (DCD) का आविष्कार 1965 में जेम्स रसेल (James Russell) ने किया।
37. बॉब नोयी (Bob Noyee) तथा गार्डन मूरे (Gordon Moore) ने सम्मिलित रूप से इंटेल (Intel) नामक कम्पनी की स्थापना की।
37. मोटरोला (Motorola) के डॉ. मार्टिन कूपन (Dr. Martin Cooper) ने मोबाइल फोन का आविष्कार किया।
38. जीएसएम (GSM-Global System For Mobile Communication) मोबाइल फोन के लिए प्रयुक्त एक लोकप्रिय मानक है।
39. सीडीएमए (CDMA-Code Division Multiple Access) मोबाइल नेटवर्क स्थापित करने की व्यवस्था है।
40. कलकुलेटर तथा कम्प्यूटर में अंतर यह है कि कम्प्यूटर को एक साथ कई निर्देश या निर्देशों का समूह दिया जा सकता है तथा यह एक साथ कई कार्य कर सकता है। इसके विपरीत कलकुलेटर को एक साथ एक ही निर्देश दिया जा सकता है।

41. प्रथम व्यावसायिक इंटीग्रेटेड चिप (IC) का निर्माण फेयर चाइल्ड सेमीकण्डक्टर कॉरपोरेशन (Fair Child Semiconductor Corporation) ने 1961 में किया।
42. मॉनीटर का आकार मॉनीटर के विकर्ण (Diagonal) की लम्बाई में मापा जाता है।
43. फ्लापी डिस्क का आविष्कार IBM के वैज्ञानिक एलान शुगार्ट (Alan Shugart) ने 1971 में किया।
44. मानव मस्तिष्क और कम्प्यूटर में सबसे बड़ा अंतर यह है कि कम्प्यूटर की स्वयं की सोचने की क्षमता नहीं होती।
45.HTTP का पूरा नाम Hyper Text Transfer Protocol है ।
46.कम्प्यूटर प्लेटफार्म का तात्पर्य कम्प्यूटर में प्रयुक्त आपरेटिंग सिस्टम से है जो अन्य प्रोग्रामों के क्रियान्वयन के लिए आधार तैयार करता है। एक प्लेटफार्म में चलने 00वाले प्रोग्राम सामान्यत: दूसरे प्लेटफार्म में नहीं चलते हैं।
47. अमेरिका के विंटेन कर्फ (Vinten Cerf) को इंटरनेट का जन्मदाता (Father of the Internet) कहा जाता है।
48. नेटीकेट (Netiquette-Net + etiquette) इंटरनेट प्रयोग के समय किये जाने वाले अपेक्षितव्यवहारों और नियमों का समूह है।
49. इंटरनेट का संचालन किसी संस्था या सरकार या प्रशासन के नियंत्रण से मुक्त है।
50. जीपीआरएस (GPRS-General Pocket Radio Service) वायरलेस द्वारा मोबाइलफोन से इंटरनेट सुविधा के प्रयोग की तकनीक है।

51. हाइपर टेक्स्ट (Hyper Text) एक व्यवस्था है जिसके तहत टेक्स्ट, रेखाचित्र व प्रोग्राम आदि को आपस में लिंक किया जा सकता है। इसका विकास टेड नेल्सन (Ted Nelson) ने 1960 में किया।
52. WAP-Wireless Application Protocol मोबाइल फोन द्वारा इंटरनेट के इस्तेमाल के दौरान प्रयोग किये जाने वाले नियमों का समूह है।
53. इंटरनेट फोन कम्प्यूटर और इंटरनेट का प्रयोग कर टेलीफोन कॉल स्थापित करने की प्रक्रिया है।
54. इंटरनेट तथा कम्प्यूटर का प्रयोग कर किये गये अवैध कार्य, जैसे-सुरक्षितफाइलों को देखना और नष्ट करना, वेब पेज में परिवर्तन करना, क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल करना, वायरस जारी करना आदि साइबर (Cyber Crime) कहलाता है।
55. इकॉन (ICANN-Internet Corporation for Assigned Names and Numbers) इंटरनेट पर प्रत्येक कम्प्यूटर के लिए एक विशेष पता देने के उद्देश्य से 1998 में गठित एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन है।
56. इमोटीकॉन (Emoticon-emotion + icon) एक या अधिक संकेतों का समुच्चय है जिसके द्वारा इंटरनेट पर किसी विशेष भावना को व्यक्त किया जाता है।
57. एक्स्टानेट (Extranet) एक व्यक्तिगत नेटवर्क है जो व्यवसाय के लिए इंटरनेट तकनीक और सार्वजनिक संचार व्यवस्था का प्रयोग करता है।
57. हैकर (Hacker) एकव्यक्ति है जो इंटरनेट पर इलेक्टानिक सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर मनोरंजनया उत्सुकतावशगुप्त सूचनाएंप्राप्त करता है।
58. ब्रिटेन के एलान टूरिंग (Alan Turing) सर्वप्रथम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की विचारधारा रखी। पर इस क्षेत्र में अपने योगदान के कारण जान मैकार्थी (John Mc Carthy) को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Father of Artificial Intelligence) का जनक कहा जाता है।
59. डेस्कटॉप पब्लिशिंग (DTP)का विकास मैकिन्टोस (Macintosh) कम्पनी द्वाराकिया गया।
60. इंटरनेट पर मुफ्त में उपलब्ध विश्व के सबसे बड़े इनसाक्लोपीडिया विकिपीडिया (Wikipedia) की स्थापना जिमी वेल्स (Jimmy Wales) ने किया।

61. वर्तमान में विश्व का सबसे तेज सुपर तिआन्हे-2 कम्प्यूटर है/ इसे चीन ने 2013 ने बनाया ।
62. भारत का सबसे तेज सुपर कम्प्यूटर प्रथ्वी है, जिसे भारतीय उष्ण देशीय मौसम विज्ञान अनुसंधान पुणे(INDIAN INSTITUTE OF TROPICAL METEOROLOGY PUNE) द्वारा किया गया है।
63. विलियन हिगिनबॉथम (William Higgin Botham) ने 1958 में कम्प्यूटर के प्रथम वीडियो गेम का निर्माण किया।
64. माया ( Maya ) एक DNA कम्प्यूटर है जिसमें सिलिकॉन चिप की जगह DNA धागे का प्रयोग किया गया है।
65. माया (Maya) एक शक्तिशाली त्रिआयामी (3D) साफ्टवेयर है जिसका प्रयोग चलचित्रों और विडियो गेम में विशेष प्रभाव डालने के लिए किया जाता है।
66. एलन टूरिंग (Alan Turing) को आधुनिक कम्प्यूटर विज्ञान का जनक माना जाता है।
67 चार्ल्स बाबेज को कम्प्यूटर का जन्म दाता है।
68. 5, 00, 00,000 लोगों तक पहुँचने में रेडियों को 38 वर्ष लगे और टेलिव्हिजन को 13 वर्ष, जबकि वर्ल्ड वाइड वेब को इसके लिए मात्र 4 वर्ष ही लगे।
69. Symbolics.com सबसे पहले रजिस्टर किया गया डोमेननेम था़।
70. प्रतिमाह दस लाख से भी अधिक डोमेननेम रजिस्टर होते हैं।

71. समस्त संसार में लगभग 1.06 बिलियन इंस्टैंट मैसेजिंग खाते हैं।
72. कम्प्यूटर प्रयोगकर्ता औसत रूप से प्रति मिनट 7 बार पलकें झपकाते हैं जबकि पलकें झपकाने की सामान्य दर 20 बार प्रति मिनट है।
73. ENIAC भारत का पहला सुपर कम्प्यूटर है।
74. COBOL, C/C++, FORTRAN (Formula Translation), PASCAL, prolog, logo, UNIX आदि कम्प्यूटर भाषा है।
75. Dot Matrix, DRUM, LINE printer आदि प्रिंटर है।
76. कम्प्यूटर केवल बइनरी भाषा 0&1 ही समझता है।
77. जोय स्टिक का प्रयोग कम्प्यूटर पर खेल (गेम) खेलने के लिए करते है ।
78. कम्प्यूटर मे फ़ंशनल-की F1, F2, F4, F5, F6 … F12. होती है ।
79. कम्प्यूटर मे डॉकयूमेंट का डिफाल्ट फाइल नाम .DOC होता है।
80. कम्पाइलर उच्च स्तरीय भाषा (High Level Language) को मशीनी भाषा मे परिवर्तित करता है।

81. FORTRAN (Formula Translation) पहली उच्च स्तरीय भाषा है, जिसका विकास IBM ने 195
7 मे किया था।
82. कोबोल भाषा का प्रयोग व्यवसायिक क्षेत्र मे किया जाता है।
83. भारत मे नई कम्प्यूटर नीति नवम्बर 1984 को लागू हुई।
84. भारत मे निर्मित प्रथम कम्प्यूटर सिद्धार्थ है।
85. 16 अगस्त 1946 को बंगलूर के प्रधान डाक घर पहला कम्प्यूटर लगाया गया ।
86. भारत का प्रथम कम्प्यूटरीक्रत डाक घर दिल्ली का है।
87. भारतीय जनता पार्टी भारत की ऐसी पहली राजनीतिक पार्टी है, जिसने इंटरनेट पर अपना वेब साइट बनाया था ।
88. चुम्बकीय डिस्क (Magnet Tape) पर आइरन आक्साइट की परत होती है।



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