कंप्यूटर क्या है कंप्यूटर के वर्गीकरण को समझाइए | Computer kya hai | Tyepes of computer

कंप्यूटर क्या है कंप्यूटर के वर्गीकरण को समझाइए | Computer kya hai | Tyepes of computer

कंप्यूटर क्या है कंप्यूटर के वर्गीकरण को समझाइए | Computer kya hai | Tyepes of computer
24 सितंबर 2020

 

कंप्यूटर क्या है कंप्यूटर के वर्गीकरण को समझाइए? Computer kya hai | Tyepes of computer


कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जो कि डेटा को प्रोसेस करने और स्टोर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।


यहाँ पर आप अपनी सरल भाषा में कंप्यूटर को अच्छी तरह से सीख पाएंगे। और भी बहुत जैसे कंप्यूटर सबसे पहले किसने बनाया, किस किस दौर से गुजर कर हमारा कंप्यूटर, कंप्यूटर बन पाया। पहले के कंप्यूटर में और अब के कंप्यूटर में कितना अंतर है। तो चलिए शुरु करते हैं और जानते है कंप्यूटर क्या होता है।


कंप्यूटर क्या है – What is Computer in Hindi
कंप्यूटर क्या है – What is Computer in Hindi?

हेलो दोस्तों, मैं हूँ रोहित और TechnicalRpost में आपका स्वागत है। यहाँ आप सीखेंगे  कंप्यूटर क्या है, कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं, और कंप्यूटर कैसे काम करता है। दोस्तों क्या आपको कंप्यूटर की बेसिक जानकारी के बारे में पता है। अगर नही पता है तो यह आर्टिकल आप के लिए है।





    कंप्यूटर क्या है – What is Computer in Hindi

    कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जो कई सारे कार्यों को एक साथ कर सकता है। वो भी बिना कोई गलतियाँ के इसलिए यह आज के समय में एक महत्वपूर्ण और उपयोगी डिवाइस बन चुका है। इसके बिना आज के इस दुनिया की कल्पना भी नही की जा सकती है। तो चलिए इसे और विस्तार में समझते है।


    Computer एक Electronic Device है जो User द्वारा किये गए Input Data में प्रोसेस करके सूचनाओ को Result के रूप में Output दिखाता है। अर्थात कंप्यूटर एक Electronic Device है जो User द्वारा दिए गए निर्देश के अनुशार कार्य को संपादित करता है। और संपादित किए गए कार्य को भविष्य के उपयोग के लिए स्टोर कर के भी रखता है। कंप्यूटर में डेटा को स्टोर, पुनर्प्राप्त और प्रोसेस करने की अद्भुत क्षमता होती है।


    आप कंप्यूटर का इस्तेमाल कोई डाक्यूमेंट बनाने के लिए, ईमेल भेजने के लिए, गेम खेलने और इंटरनेट पर भ्रमण करने, प्रजेंटेशन व वीडियोज बनाने जैसे अनगिनत कार्यों के लिए कर सकते हैं।


    Input Data - ProcessOutput Data


    Computer शब्द की उत्पत्ति “COMPUTE” शब्द से हुई है जिसका सीधा सा अर्थ है गणना करना । इसलिए हम कह सकते है की कंप्यूटर एक गणना करने वाला यंत्र है । लेकिन वर्तमान में इसका क्षेत्र अत्यंत व्यापक हो चुका है जिसकी हम कल्पना नही कर सकते। कंप्यूटर अपनी उच्च संग्रह क्षमता (High Storage Capacity), गति (Speed), स्वचालन (Automation), क्षमता (Capacity), शुद्धता (Accuracy), सार्वभौमिकता (Versatility), विश्वसनीयता (Reliability), रखने की शक्ति के कारण हमारे जीवन के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण होता जा रहा है। कंप्यूटर कम समय में अधिक तीव्र गणनाए करता है इसके द्वारा दिए गए परिणाम अधिक शुद्ध होते हैं।


    कंप्यूटर की परिभाषा क्या है? definition of computer in Hindi

    "कंप्यूटर एक मशीन है जो कुछ तय निर्देशों के अनुसार कार्य को संपादित करता है। अतः कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो इनपुट डिवाइस की मदद से आँकड़ो को स्वीकार करता है फिर उन्हें प्रोसेस करता है और उन आँकड़ो को आउटपुट डिवाइस की मदद से सूचना के रूप में डाटा को प्रदान करता है।"


    कंप्यूटर का पूरा नाम क्या है – Computer Full Form in Hindi

    तकनीकी रूप से कंप्यूटर का कोई स्पेसिक फुल फार्म नही है लेकिन कुछ लोगों और संस्थाओं के द्वारा फुल फॉर्म बताया गया है जो की काफी लोकप्रिय और अर्थपूर्ण है।

    C – Commonly, O – Operated, M – Machine, P – Particularly, U – Used in, T Technology, E – Education and, R – Research

    इस प्रकार अगर हम इसका हिन्दी में ट्रांसलेट करें तो कुछ इस तरह होगा- आम ऑपरेटिंग मशीन विशेष रूप से व्यापार, शिक्षा और अनुसंधान के लिए उपयोग की जाती है।


    कंप्यूटर का परिचय – Computer Introduction in Hindi

    कंप्यूटर को कार्य करने के लिए कई तरह के उपकरणों तथा प्रोग्रामो की जरूरत पड़ती है। ये उपकरण Hardware तथा Software  है। एक साधारण कंप्यूटर कुछ इस प्रकार दिखाई देता है।

    Parts of computer, System unit
    कंप्यूटर के विभिन्न उपकरण

    उपर चित्र में आप देख सकते हैं एक आम कंप्यूटर में कई अलग-अलग पार्ट जुड़ कर कंप्यूटर सिस्टम बनाते हैं। चलिए इन उपकरणों को और विस्तार से जानते हैं।


    कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर – Computer Hardware and Software in Hindi

    कोई भी कंप्यूटर को कार्य करने के लिए सबसे जरूरी दो चीजें हैं, पहला Hardware और दूसरा Software. इसके बिना कंप्यूटर का कोई अर्थ  ही नही है।


    कंप्यूटर हार्डवेयर क्या है?What is Computer Hardware in Hindi

    हार्डवेयर कंप्यूटर  का वह भाग होता है जिसे हम छू सकते हैं और जिसकी भौतिक संसचना होती है, जैसे कि – कीबोर्ड ,माउस, प्रिन्टर, सीपीयू, और स्पीकर ये सभी कंप्यूटर के External Hardware हैं। लेकिन जो कि CPU के आंतरिक भाग में लगे होते हैं जैसे कि – मदरबोर्ड, डिस्क ड्राइव, रैम, रोम, प्रोसेसर, SMPS, CPU Fan ईत्यादि Internal Hardware है।

    1. System Unit

    System Unit कंप्यूटर का मेन पार्ट होता है जिसमें Computer को कार्य करने के लिए सभी आवश्यक यंत्र लगे होते है। इसे CPU यानि Central Processing Unit कहते है। सी. पी. यू. में मदरबोर्ड, प्रोसेसर, हार्ड डिस्क पॉवर सप्लाई SMPS (Switched Mode Power Supply), रैम-रोम, आदि जरूरी कम्पोनेंट इसी के अंदर लगाए जाते हैं। इसे कंप्यूटर का Cabinet भी कहा जाता है।

     

     2. Monitor

    मॉनीटर एक आउटपुट डिवाइस है इसे विजुअल डिस्पले डिवाइस (Visual Display Device VDU) भी कहते हैं। जिसका कार्य दिए गए निर्देशों के परिणामों को दिखाना है। वर्तमान में कई प्रकार के मॉनिटर देखने मिलते है जैसे CRT ( Cathode Ray Tube) Monitor, LCD ( Liquide Cristal Display) Monitor, LED ( Light Emitting Display) Monitor, और Flat Panel Monitor. क्या आप जानते हैं मॉनीटर पर चित्र छोटे-छोटे बिन्दिओं (Dots) से मिलकर बनता है। जिसे पिक्सल (Pixels) नाम से जाना जाता है।


    3. Keyboard

    कीबोर्ड एक मुख्य इनपुट डिवाइस है इसका मेन कार्य यूज़र द्वारा अक्षर और अंकीय रूप में डेटा और सूचना को कंप्यूर में इनपुट कराना होता है। यानि की इसकी मदद से हम कंप्यूटर में Text, Number या स्पेशल चिन्ह आदि को सीधे टाइप कर सकते है। कुछ प्रकार के कीबोर्ड जैसे कि QWERTY, DVORAK और AZERTY मुख्य रूप से प्रयोग किए जाते हैं। यहाँ कीबोर्ड के बारे में और जान सकते हैं।


    4. Mouse

    मॉउस भी एक इनपुट डिवाइस है इसे Pointing Device भी कहा जाता है जिसकी मदद से हम कंप्यूटर को आपरेट / नेविगेट करते हैं । इसका प्रयोग कर्सर ( टेक्स्ट में पोजीशन दर्शाने वाला ब्लिंकिंग प्वाइंट या प्वाइंटर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए करते हैं। इसके अतिरिक्त माउस का उपयोग कंप्यूटर में ग्राफिक्स की मदद से कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए किया जाता है।


    5. Speakers

    Speaker एक आउटपुट डिवाइस है इससे कंप्यूटर में चलने वाले आवाज़ को सुन सकते है। स्पीकर के द्वारा हमें गानों, फिल्मों, प्रोग्रामों तथा खेलों आदि में उपलब्ध ध्वनि सुनाई देती है.


    6. Printer

    प्रिंटर भी आउटपुट डिवाइस की श्रेणी में आता है। इसका प्रयोग कम्पयूटर से प्राप्त Data और Information को कागज पर प्रिंट करने के लिए करते हैं। यह Black and White के साथ-साथ Colour Document को भी प्रिंट कर सकता है किसी प्रिंटर की गति कैरेक्टर प्रति सेकण्ड (Character Per Second – CPS) में या लाइन प्रति मिनट ( Line Per Minute – LPM) और पेजेज प्रति मिनट (Pages Per Minute – PPM) में मापी जाती है। कागज पर प्रिंट डॉक्यूमेंट को हार्ड कॉपी  कहते हैं, जबकि कंप्यूटर पर सेव डॉक्यूमेंट को सॉफ्ट कॉपी कहते हैं।


    कंप्यूटर साफ्टवेयर क्या है?What is Computer Software in Hindi

    जिस प्रकार कंप्यूटर में मूलभूत हार्डवेयर का होना जरूरी है उसी प्रकार सॉफ्टवेयर का होना भी अत्यंत जरूरी है। इसके बिना कंप्यूटर किसी डिब्बे के अलावा कुछ नही हैं। तो दोस्तों सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए निर्देशों का एक सेट होता है जो हार्डवेयर के को बताता है कि क्या करना है और इसे कैसे करना है। तथा कंप्यूटर के विभिन्न हार्डवेयरों के बीच समन्वयन स्थापित करता है, ताकि किसी पर्टीकुलर कार्य को पूरा किया जा सके। अगर सॉफ्टवेयर की बात करें तो इनके उदाहरण में वेब ब्राउज़र, वर्ड प्रोसेसर, File Explorer और गेम्स आदि शामिल हैं।


    सॉफ्टवेयर के प्रकार - (Types of Software)

     यहाँ पर सॉफ्टवेयर को उसके कार्यों तथा संरचना के आधार पर मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया गया है –


    1. सिस्टम सॉफ्टवेयर

    जो प्रोग्राम कंप्यूटर को चलाने, उसको नियंत्रित करने, उसके विभिन्न भागों की देख भाल करने के लिए बनाए जाते हैं उनको सिस्टम सॉफ्टवेयरकहा जाता है। सामान्यतः कंप्यूटर से हमारा सम्पर्क या संवाद सिस्टम सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही हो पाता है। सिस्टम सॉफ्टवेयर यूजर की सुविधा के लिए ही बनाया जाता है। इसके उदाहरण हैं सिस्टम मैनेजमेंट प्रोग्राम, सिस्टम यूटिलीज़ आदि।


    2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

    एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर उन प्रोगामों को कहा जाता है, जो हमारा वास्तिविक कार्य को करने के लिये लिखे जाते हैं जैसे- Microsoft Office, web browsers, games, Media Players आदि सभी । Application  Software किसी यूजर के विशेष कार्य को करने के लिए बनाया जाता है।


    कंप्यूटर के प्रकार -  Types of Computers

    जब भी हम कंप्यूटर शब्द सुनते हैं, तो हमारे मन में जो छवि बनती है वो है लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर की। लेकिन वर्तमान समय में कई प्रकार के कंप्यूटर उपलब्ध है। कंप्यूटरों को उनकी रूपरेखा, कार्य प्रणाली, उद्देश्यों तथा पर्पजों के आधार पर विभिन्न भागों में वर्गीकरण किया जा सकता है, जिनका विवरण आगे है।


    1. आकार के आधार पर (On the Basis of Size)

                माइक्रो कंप्यूटर, मिनी कंप्यूटर, मेनफ्रेम कंप्यूटर, पर्सनल कंप्यूटर, सुपर कंप्यूटर

    2. उद्देश्य के आधार पर (On the Basis of Purpose)

    सामान्य उद्देश्यीय कंप्यूटर, विशिष्ट उद्देश्यीय कंप्यूटर

    3. अनुप्रयोग के आधार पर (On the Basis of Applications)

                एनालॉग कंप्यूटर, डिजिटल कंप्यूटर, हाईब्रिड कंप्यूटर


    कंप्यूटर की विशेषताएं क्या है? (Features / Characteristics of Computer)


    Speed (गति)

    कंप्यूटर किसी भी कार्य को बहुत तेजी से कर सकता है Computer कुछ ही सेकंड में गुणा, भाग, जोड़, घटाना जैसी लाखों संक्रियाएं कर सकता है। अगर आपको 845+627*978 का मान ज्ञात करना है तो  आपको 1 या 2 मिनट का समय लग सकता है, लेकिन यही कार्य कंप्यूटर 1 सेकेंड से भी कम समय में कर सकता है। और ऐसी ही लाखों गणनाओं को कुछ ही सेकंड में कर सकता है।


    Automation (स्वचालन)

    वर्तमान समय में हमारे दैनिक जीवन में कई प्रकार की स्वचालित मशीनों का उपयोग होने लगा है ऐसे कई सारे कार्य है जो कंप्यूटर स्वचलित (Automatic) तरीके करता है।


    Accuracy (शुद्धता)

    कंप्यूटर किसी भी कैलकुलेशन में कोई गलती नही करता हैं वही अगर किसी आम व्यक्ति द्वारा किया गया कैलकुलेशन में काफी त्रुटि देखने को मिल जायेगी। साधारणतः कंप्यूटर किसी भी प्रोसेस को बिना त्रुटि के पूरा कर सकता है। लेकिन यहाँ पर Data Input करने वाले यूजर द्वारा ही ग़लतियाँ हो सकती है जिससे कंप्यूटर गलत परिणाम दिखा देता है फिर भी देखा जाए तो इनपुट किए गये डाटा के हिसाब से कैलकुशन में कोई त्रुटियाँ नही होती है।


    High Storage Capacity (उच्च संग्रहण क्षमता)

    किसी कंप्यूटर में Data Store करने की क्षमता बहुत अधिक होती है एक कंप्यूटर लाखों शब्दों को बहुत ही कम Space में Store करके रख सकता है और यह कई वर्षो तक स्टोर कर रख सकता है तथा बाद में हम कभी किसी भी स्टोर सूचना को कुछ ही सेकंड में प्राप्त कर सकते हैं। यह सभी प्रकार के Data को स्टोर करने में सक्षम है, जैसे- Picture, Files, Program, Video और Audio आदि।


    Diligence (कर्मठता)

    यदि कोई व्यक्ति किसी कार्य को लगातार कुछ घंटो तक करने के बाद थक जाता है, लेकिन इसके विपरीत कंप्यूटर किसी कार्य को लगातार कई घंटो, दिनों, और महीनों तक करने की क्षमता रखता है।


    Reliability (विश्वसनीयता)

    कंप्यूटर को मेमोरी क्षमता इतनी अधिक शक्तिशाली होती है कि कई वर्षों बाद भी विश्वसनीय होती है और Store किए गए डाटा  भी Accurate होते हैं।


    कंप्यूटर की सीमाएं क्या है? Limitation of Computer

    कंप्यूटर अपनी असीमित क्षमताओं के कारण इतना उपयोगी बन चुका है, फिर भी कंप्यूटर की कुछ कमियाँ भी है। इसकी सबसे बड़ी कमी यह है कि कंप्यूटर में सेल्फ डिसीजन की कमी होती है यानी की यह स्वयं कोई निर्णय नही ले सकता है जब तक इसे कोई आदेश न दिया जाए। और इसमें सेल्फ इन्टलीजेन्स की कमी होती है जिससे यह कोई भी कार्य अपने से नही करता है।


    जैसे कि किसी रोबोट को बाजार जाने के लिये बोला जाए तो वह बाजार तो जाएगा लेकिन वापस नही आएगा क्योंकि उसे जो निर्देश मिला है उतना ही कार्य करेगा। कंप्यूटर कुछ भी अपने से नही सोच सकता है। यह सिर्फ वही कार्य कर सकता है जो पहले से ही इसे प्रोग्राम के जरिए बताया गया है।


    कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया – Father of Computer in Hindi

    कंप्यूटर का आविष्कार दुनिया को सबसे बड़े आविष्कारों में से एक है। क्योकि इसने पुरी दुनिया को ही बदल कर रख दिया है। जो काम पहले के समय में इसानो द्वारा किये जाते थे अब वही सब काम कंप्यूटर से किए जाने लगे है। जिससे काफी कम समय में ज्यादा कार्य होने लगा है।


    लेकिन क्या आप जानते है की कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया है अगर नही तो मै बता दूं इसकी सबसे पहले खोज करने वाले व्यक्ति का नाम चार्ल्स वैबेज (Charles Babbage) है। जिन्होने 1822 में “Differential engine” नाम का मैकेनिकल कंप्यूटर बनाया था।


    फिर इसको और विकसित करने में बहुत सारे लोगों ने वक्त के साथ योगदान दिया है। और फिर उन्होने Analytical engine के रूप में पहला माडर्न कंप्यूटर सामने लाया। इस इंजन में ALU (Arithmetic and Logic unit), basic flow control और integrated memory का प्रयोग किया गया। वर्तमान में इसी मॉडल के आधार पर बनाए जाते हैं।


    कंप्यूटर की जेनेरशन – Generation of Computer in Hindi

    कंप्यूटर के विकास के आधार पर इसे 5 पीढ़ियों में बाँटा गया है-


    First Generation Vacuum Tubes (1940-1956)

    इस जेनरेशन के कंप्यूटर का आकार इतना विशाल होता था की पूरा का पूरा रूम ही कैप्चर हो जाता था। यही नही इन कंप्यूटर का इस्तेमाल काफी Costly हुआ करता था क्योंकि इनको चलाने के लिए बहुत ज्यादा बिजली खर्च होती थी। जितना कि किसी फ़ैक्टरी मे होता था।


    और ये बहुत ज्यादा heat पैदा करते थे जिसे कंट्रोल करना काफी मुश्किल हुआ करता था। इसमें इनपुट डिवाइस के रूप में punch cards और paper tape का इस्तेमाल होता था, और ऑउटपुट के लिए प्रिंट ऑउट का इस्तेमाल होता था।

    इसे चलाने के लिए मशीनी भाषा का प्रयोग होता था। First generation के कुछ उदाहरण है- UNIVAC, EMIAC.


    Second Generation Transistor (1956-1963)

    सेकंड जनरेशन के कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल होने लगा। Transistors का आविष्कार Bell labs ने 1947 में किया था।


    ये ट्रांजिस्टर वैक्यूम ट्यूब की तुलना में कई गुना बेहतर थे क्योकि ये बहुत फास्ट होने के साथ ही कम बिजली खर्च करते थे जिससे इसे चलाना कुछ हद तक सस्ता हो गया लेकिन Heat की समस्या अब भी बनी थी।


    इस पिढ़ी के कंप्यूटर machine language की जगह Assembly language का इस्तेमाल करते थे। इसमें COBOL और FORTRAN उच्च स्तरीय भाषा का इस्तेमाल किया गया।


    Third Generation Integrated Circuits (1964-1971)

    तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में Integrated Circuits ने ट्रांजिस्टर्स की जगह ले ली। अब ट्रांजिस्टर को काफी छोटे कर के एक सिलिकॉन चिप्स के अंदर डाला गया जिसे सेमीकंडक्टर कहा गया। इस पीढ़ी में heat की समस्या कम हो चुकी थी लेकिन इसे एक अनुकूलित वातावरण की आवश्यकता थी।


    इसने speed and efficiency काफी ज्यादा बढ़ा दी थी। अब पंच कार्ड और प्रिंटऑउट की जगह कीबोर्ड और मॉनीटर का इस्तेमाल शुरू हो गया। जिसके लिए ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग किया गया।


    Fourth generation Microprocessor (1971-Present)

    इस पीढ़ी में माइक्रोप्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया। इसमें हजारो इंट्रीग्रेटेड सर्किट को एक सिलिकॉन चिप के अंतर ही डाला गया। अब ये कंप्यूटर साइज में इतने छोटे हो गए थे की इसे हथेली पर रख सकते थे।


    1971 में Intel 4004 chip को Develop किया गया जिसके अंदर ही सारे कंपोनेंट को फिक्स कर दिया गया। सन् 1981 में IBM ने पहली बार घर पर इस्तेमाल होने वाला पहला कंप्यूटर सिस्टम तैयार किया।


    Fifth Generation Artificial Intelligence

    इस पीढ़ी के कंप्यूटर में Artificial intelligence को बढ़ावा दिया गया है जैसे Voice recognition, Quantum calculation, parallel processing आदि। इस पीढ़ी के कंप्यूटर काफी advance हो चुके हैं।


    उम्मीद करता हूँ की कंप्यूटर क्या है हिंदी में समझ गए होंगे और आपको ये पोस्ट पसंद आयी होगी। अगर आपके मन में कोई सवाल है, तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं। पोस्ट पसंद आई हो तो कृपया इस पोस्ट को अपने सभी दोस्तों के साथ सोशल मीडिया में जरूर शेयर करें। इसके अलावा TechnicalRpost.in को Follow करके सभी नई पोस्ट की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।


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